• Fri. Sep 4th, 2026

मंदसौर डीएफओ की मौजूदगी में हुआ तेंदुए का अंतिम संस्कार : बाजना के जंगल में लडख़ड़ाते हुए तालाब किनारे तोड़ा था दम

BySurendra Jain

Feb 4, 2025

खबर पक्की, 4 फरवरी, रतलाम। जिले के बाजना के जंगल में तालाब किनारे मृत तेंदुए का अंतिम संस्कार मंगलवार को अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। रतलाम डीएफओ नरेश दोहरे के रतलाम से बाहर होने के कारण मंदसौर डीएफओ संजय रायखेरे की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया।
बता दें कि, सोमवार को रतलाम से 50 किमी दूरी बाजना के गड़ीगमना के जंगल में तालाब किनारे लडख़ड़ता हुआ तेंदुआ नजर आया था। वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची। लेकिन, तब तक तेंदुए की मौत हो गई थी।
जांच के बाद पशु चिकित्सक ने तेंदुए को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मौके पर ही उसका पीएम किया था। रतलाम डीएफओ के विभागीय कार्य से रतलाम से बाहर होने के कारण सोमवार को अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था।
मंदसौर डीएफओ की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
इसके बाद मंगलवार सुबह प्रभारी मंदसौर डीएफओ, रतलाम एसडीओ सीताराम नागरे, रतलाम रेंजर पुष्पलता मौर्य, रेस्क्यू प्रभारी हरिसिंह डामर, इमलीपाड़ा ग्राम पंचायत सरपंच और वन विभाग के अन्य स्टॉफ बाजना सब रेंज क्षेत्र में पहुंचे। वन क्षेत्र में ही तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया।
वन विभाग की प्राथमिक जांच में तेंदुए की मौत बीमारी (ब्रेन हेमरेज) के कारण होना सामने आई थी। इसकी पीएम रिपोर्ट आना बाकी है। तेंदुए की उम्र करीब 12 साल थी।
तीन माह पहले मिला था शावक
बता दें कि, बाजना क्षेत्र के गड़ीगमना गांव में तीन माह पहले भी तेंदुए का एक शावक मिला था। शावक रात के अंधेरे में गांव के एक कच्चे कुएं में गिर गया था। ग्रामीणों ने उसका रेस्क्यू कर पास के आंगनवाड़ी केंद्र के एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया था। इसके बाद वन विभाग को सूचना देकर उनके सुपुर्द किया गया था।

You missed

error: Content is protected !!