खबर पक्की, 4 फरवरी, रतलाम। कलेक्ट्रेट में मंगलवार दोपहर को एक किसान ने खुद पर केरोसिन डाल लिया। इस दौरान तुरंत पास खड़े पुलिसकर्मियों ने उससे केरोसिन की बोतल छिन ली। किसान का आरोप है कि उसके पिता ने उनकी जमीन को फर्जी तरीके से बेच नामांतरण करवा दिया। जबकि, पिता का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से जमीन बेची है। उसका अपने बेटों से विवाद चल रहा है। वह उनके साथ मारपीट करते है और खाना भी नहीं देते है।
जानकारी के अनुसार, नामली निवासी किसान दशरथ पिता रामचंद्र अपने भाईयों गोपाल, नंदराम, विक्रम व ईश्वर व उनके परिजनों के साथ जमीन विवाद को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने आया था। इस दौरान गांव हतनारा के किसान भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खेत में स्प्रे छिड़कने लहसुन की फसल खराब होने का ज्ञापन देने आए थे।
तहसीलदार ऋषभ ठाकुर किसानों की समस्या सुन रहे थे। इसी दौरान किसान दशरथ के भाई वहां आकर कहने लगे कि जनसुनवाई में दो माह से आ रहे है। हमारी सुनवाई नहीं हो रही है। तभी दशरथ ने अपने शरीर पर केरोसिन डाल लिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत देखते ही बोतल छिनी और उसे एक तरफ ले जाकर समझाया।
आरोप- पिता ने मौखिक बंटवारा किया
किसान दशरथ व उसके भाईयों ने बताया कि नामली में उनकी सर्वे क्रमांक 1043/2 की 8 बीघा जमीन है। कुछ वर्ष पहले पिता ने मौखिक रूप से पांचों भाईयों में बंटवारा कर दिया है। पांचों भाईयों को 1-1 बीघा जमीन दी है। जमीन पर खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है। लेकिन कुछ लोगों ने पिता को बहला-फुसलाकर फर्जी तरीके से पैतृक जमीन बेच दी। रजिस्ट्री व नामांतरण भी हो गया।
नामली तहसील में आवेदन दिया
बेटों ने बताया कि उन्हें जब रजिस्ट्री अन्य व्यक्तियों के नाम होने की जानकारी मिली। तब उन्होंने नामांतरण उनके नाम नहीं करने के लिए नामली तहसील न्यायालय में आवेदन दिया था। कोर्ट से स्टे भी लेकर आए। इसके बावजूद भी 21 जनवरी 2025 को दूसरों के नाम नामांतरण कर दिया। हमारे द्वारा नामांतरण आदेश की कॉपी नामली तहसीलदार से मांग रहे हैं। लेकिन वह नहीं दे रहे है।
कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में पांचों भाईयों ने बताया नामांतरण व रजिस्ट्री कैंसिल करने को लेकर सभी जिम्मेदारों व पुलिस में भी आवेदन दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पिता बोले- मारपीट करते है बेटे
कलेक्ट्रेट में पिता रामचंद्र भी पहुंचे, उन्होंने भी अपने बेटों के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने अपना वीडियो जारी कर कहा कि मैने मेरी स्वेच्छा से जमीन बेची है। अब मुझसे रुपए मांग रहे है। मुझे कहते है मैं पागल हो गया हूं। मुझे मारपीट करते है, खाना भी नहीं देते है। वहीं बेटे ईश्वर ने पिता के आरोपों को झूठा बताया। ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर ने बताया पिता व बेटों के बीच जमीन का विवाद चल रहा है। नामांतरण की कार्रवाई अधीनस्थ न्यायालय तहसीलदार कार्यालय द्वारा की गई है। आवेदन जांच में लिया है। जो भी विधिवत कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
कलेक्ट्रेट में किसान ने डाला केरोसिन : पिता पर जमीन के फर्जी नामांतरण का आरोप, पिता बोले- मर्जी से बेची जमीन
