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जालसाजी और धोखाधडी के आरोपी हेमन्त बागडी को न्यायालय ने फरार घोषित किया,अब होगी कुर्की की कार्यवाही

BySurendra Jain

Jan 9, 2025

खबर पक्की, 9 जनवरी, रतलाम। साल भर पहले बैैंक के फर्जी खाते खुलवाकर लाखों की धोखाधडी करने वाले अस्सी फीट रोड निवासी हेमन्त बागडी को अब न्यायालय ने फरार घोषित कर दिया है। आरोपी के लिए न्यायालय द्वारा फरारी की उद्घोषणा जारी किए जाने के बाद अब उसकी सम्पत्तियों की कुर्की का रास्ता साफ हो गया है।
उल्लेखनीय है कि अस्सी फीट रोड पर एक कोचिंग संस्थान चलाने वाले हेमन्त बागडी ने करीब एक साल पहले बैैंक में फर्जी खाते खुलवाकर लाखों रुपए की धोखाधडी और जालसाजी की थी। इस मामले में हेमन्त बागडी के खिलाफ औद्योगिक क्षेत्र थाने पर भादवि की धारा 420 467,468 और 120 बी के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही हेमन्त बागडी फरार हो गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के कई प्रयास किए लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रु. का इनाम भी घोषित कर दिया गया था। इनाम घोषित होने के बाद भी जब हेमन्त बागडी पुलिस के हाथ नहीं लगा तो अब पुलिस ने उसकी चल अचल सम्पत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया प्रारंभ की है।
फरार हेमन्त बागडी की चल अचल सम्पत्तियों को कुर्क करने से पहले पुलिस के निवेदन पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुमत तिवारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बाएनएसएस) की धारा 84 के अन्तर्गतआभियुक्त की हाजरी कई अपेक्षा करने वाली उद्घोषणा जारी की है। न्यायालय द्वारा जारी उद्घोषणा में अभयुक्त हेमन्त पिता महेन्द्र बागडी को 12 फरवरी को दोपहर ग्यारह बजे न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया है। बीएनएसएस की प्रक्रिया के मुताबिक न्यायालय द्वारा उद्घोषणा जारी किए जाने के बाद भी यदि अभियुक्त न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता तो फिर न्यायालय द्वारा उशकी चल अतल सम्पत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया जा सकता है।
न्यायालय द्वारा उद्घोषणा जारी किए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उक्त उद्घोषणा को जिला न्यायालय के अलावा अभियुक्त हेमन्त बागडी के निवास और अन्य स्थानों पर इसे चस्पा कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यदि हेमन्त बागडी न्यायालय की उद्घोषणा के बाद भी हाजिर नहीं होगा तो उसकी सम्पत्तियां कुर्क करने की कार्यवाही की जाएगी।
यह था पूरा मामला
बैैंक से लोन दिलाने के नाम पहचान के दस्तावेज लेकर धोखाधडी किए जाने के दो मामले करीब एक साल पहले सामने आए थे । औद्योगिक पुलिस ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधडी करने के आपराधिक प्रकरण दर्ज किए थे ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार,80 फीट रोड कर्मचारी कालोनी निवासी हेमन्त पिता महेन्द्र बागडी ने अपने एक परिचित महेन्द्र पिता फकीरचन्द परमार नि.हनुमान रुण्डी को लोन दिलाने के लिए महेन्द्र परमार के केवायसी (पहचान) दस्तावेज लिए थे। हेमन्त बागडी ने महेन्द्र के इन दस्तावेजों पर अपने एक साथी शैलेष के फोटो लगाकर इण्डियन ओवरसीज बैैंक में महेन्द्र परमार के नाम का नकली खाता खुलवाया और इस नकली खाते के माध्यम से हीरो फायनेन्स कंपनी से लोन भी ले लिया। इस पूरे मामले की महेन्द्र परमार को भनक तक नहीं लग पाई।
महेन्द्र परमार को इस धोखाधडी की जानकारी तब मिली,जब फाइनेन्स कंपनी के कर्मचारी ने उन्हे फोन लगाकर लोन की किश्त जमा कराने को कहा। महेन्द्र परमार ने जब इण्डियन ओवरसीज बैैंक में जाकर पता किया तो मालूम पडा कि उसके नाम पर खाता खुलवाया गया है और पांच लाख से अधिक का लोन भी लिया गया है। जबकि खातेदार के फोटो के स्थान पर किसी अन्य अज्ञात व्यक्ति का फोटो लगा हुआ था। धोखाधडी की जानकारी मिलने पर महेन्द्र परमार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच की और धोखाधडी के तथ्य सामने आने पर महेन्द्र परमार की रिपोर्ट पर आरोपी हेमन्त पिता महेन्द्र बागडी और शैलेष के खिलाफ भादवि की धारा 420,467,468 में प्रकरण दर्ज किया।
आरोपी हेमन्त बागडी की इसी तरह की एक और धोखाधडी का मामला फिर सामने आया,जिसमें हेमन्त ने अपनी एक महिला सहयोगी के साथ मिलकर एक निजी स्कूल की टीचर श्रीमती शालीनी पति प्रशान्त सक्सेना के नाम का फर्जी बैक खाता खुलवाया।
श्रीमती शालिनी सक्सेना ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हेमन्त बागडी ने उन्हे बैैंक से लोन दिलाने के नाम पर उनकी पहचान के दस्तावेज प्राप्त किए और अपने पास रख लिए। जब उससे दस्तावेज मांगे गए तो उसने कहा कि ये दस्तावेज बैैंक की फाइल मे लग गए है। जबकि हेमन्त ने अपनी एक महिला सहयोगी प्रतिभा पिता ललिता पेन्टर नि.गौशाला रोड के साथ मिलकर बैैंक आफ बरोडा में श्रीमती शालिनी सक्सेना के नाम का खाता खुलवया। इस खाते में शलिनी की जगह प्रतिभा का फोटो लगाया गया।
जब श्रीमती सक्सेना को इस धोखाधडी की भनक लगी तो उन्होने पुलिस से सम्पर्क किया। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने श्रीमती शालिनी सक्सेना की रिपोर्ट पर हेमन्त बागडी और प्रतिभा के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधडी करने की धाराओं 420,467,468 भादवि के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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