खबर पक्की, 14 दिसंबर, रतलाम। बांगलादेश मे अल्पसंख्यक हिन्दुओ पर पिछले कई महीनों से लगातार हो रहे अत्याचार, उत्पीडऩ और हिंसा पर रोक के लिए, और वहां पुन: शांति स्थापित करने के लिए आज रॉयल कॉलेज कैंपस में गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया।
इस आशय की जानकारी देते हुए, रॉयल कॉलेज के प्रशासक प्रो. दिनेश राजपुरोहित ने बताया कि, बांगलादेश मे पूर्व राष्ट्रपति के पद पर से हटने के बाद, वहां पर स्थायी रूप से रहने वाले हिन्दूओ पर हमले हो रहे है, उन्हें देश छोडऩे पर मजबूर किया जा रहा है, उनको लूटा जा रहा है, और हिन्दू मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। वहां पुन: शांति की बहाली, हिन्दुओ पर हो रहे जुल्मो को बंद करने और मंदिरों को तोडऩे से रोकने के लिए, रॉयल कॉलेज में एक दिन का गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर गायत्री परिवार की प्रज्ञा बहनें- सरोज जोशी, कल्पना बहन शाह, कुसुम चैहान, मघु कृष्णात्रे, रजनी छप्री, सुनिता राठौर के साथ ही उज्जैन संभाग जोन के सदस्य अर्जुनसिंह चौहान (यज्ञवीर) पारितोश जोशी, प्रदीप गुप्ता गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी पं. शिवपाल छप्री, प्रदीप सिंह चौहान, तीन देव कन्याएँ कीर्तिका, आरोही, प्रज्ञा कुमारी आदि उपस्थित रहें। यज्ञ वेदी पर रायल कालेज के शोभा पटेल, प्रवीण पटेल, सुधा परिहार, गौरव परिहार, हर्षा सालेकर, आशीष सालेकर यज्ञ में जोड़े के रूप में शामिल हुए। इस महायज्ञ में रॉयल कॉलेज के डॉ. आर.के. अरोरा, डॉ. मनीष सोनी, डॉ. प्रवीण मंत्री, डॉ. आनन्द त्रिवेदी, प्रो. जगदीश डुके, प्रो. प्रफुल्ल उपाध्याय, प्रो. चन्द्रकला दवे, डॉ. संदीप सिद्ध, प्रो. कपिल केरोल, प्रो. मृदुला उपाध्याय, प्रो. शैलेन्द्र सिंह एवं प्रो. सुमीत गेहलोत आदि उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के प्रारम्भ में देवकन्याओं द्वारा समस्त महिला स्टाफ को योग, ध्यान एवं प्राणायाम करवाया गया, साथ ही यज्ञ एवं योग की दैनिक जीवन में उपयोगिता तथा इसका महत्व बता कर, वैदित रिचाओं के उदघोष के साथ भारतीय ज्ञान एवं परम्पराओं को बताते हुए, गायत्री यज्ञ प्रारम्भ किया।
रॉयल कॉलेज में बांगलादेश के हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार को समाप्त करने हेतु गायत्री महायज्ञ
