• Wed. Oct 28th, 2026

रतलाम में दरगाह ढहाई गई, मजार सुरक्षित : फोरलेन निर्माण के बीच आ रही थी, कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद कार्रवाई

BySurendra Jain

Nov 27, 2024

खबर पक्की, 27 नवंबर, रतलाम। जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक बन रहे फोरलेन के बीच में आ रही पहलवान बाबा की दरगाह का बचा हिस्सा बुधवार को हटा दिया गया। सुबह प्रशासन की टीम पहुंची और मजार को बचाते हुए बाहरी हिस्से को गिरा दिया। पूरा स्ट्रक्चर ढहाने के बाद मलबा को वहां से हटवाया गया। कार्रवाई पूरी हुई तो मजार को पूरी तरह से साफ कर कर्मचारियों ने फूल चढ़ाए।
जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। इसमें पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा आ रहा था। इसे हटाने को लेकर विवाद के हालात बने तो प्रशासन ने दरगाह से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर मामले का हल निकाला। हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि दरगाह को अवैध कार्रवाई कर नष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद दरगाह के बाकी हिस्से और आसपास के क्षेत्र में फैले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। पहले मुस्लिम समाज के साथ हुई बैठक में उनकी सहमति से एक हिस्सा छोड़ा जा रहा था, लेकिन वे लोग कोर्ट चले गए थे।
13 नवंबर को कोर्ट ने एकपक्षीय फैसला दिया
13 नवंबर को तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड रतलाम अतुल श्रीवास्तव की कोर्ट में प्रशासन की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई नहीं पहुंचा तो कोर्ट ने एकपक्षीय फैसला दे दिया था। इसमें कोर्ट ने यथा स्थिति बनाए रखने (स्टे) का आदेश जारी किया था।
26 नवंबर को कोर्ट ने स्टे ऑर्डर निरस्त किया
14 नवंबर को सरकारी अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने एकपक्षीय स्टे निरस्त करने का आवेदन दिया था। मंगलवार (26 नवंबर) को कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 13 नवंबर को दिया स्टे आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद बुधवार सुबह प्रशासन और पुलिस अमला दरगाह पहुंचा और बाकी हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
4.12 किमी लंबा फोरलेन बनाया जा रहा
रतलाम के जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में जावरा फाटक से आगे पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा तो सामने की तरफ हनुमान मंदिर का हिस्सा आ रहा था। दरगाह के हिस्से को दरगाह कमेटी, शहर काजी अहमद अली और की मौजूदगी में प्रशासन की बैठक में सहमति के बाद हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। दरगाह की लाइन में कुछ दुकानें भी थीं, जिन्हें प्रशासन ने हटाया था। दरगाह के एक हिस्से को हटाने के विरोध में मुस्लिम पक्ष कोर्ट चला गया। जहां से उन्हें स्टे मिल गया था।

You missed

error: Content is protected !!