खबर पक्की, 21 नवंबर, रतलाम। जिले के बाजना क्षेत्र के गढीगमना गांव में तेंदूएं का एक नन्हा शावक मिला है। यह शावक बीती रात गांव के एक कच्चे कुएं में गिर गया था, जिसे ग्रामीण जनों ने रेस्क्यू किया और वन विभाग के अधिकारियो को सौंप दिया। तेंदूएं का शावक पूरी तरह स्वस्थ है और फिलहाल उसे वन अधिकारियो की देखरेख में रखा गया है। बाजना क्षेत्र में तेंदूए का शावन मिलने से बाजना क्षेत्र में भी तेंदूएं की मौजूदगी प्रमाणित हो गई है।
वन विभाग बाजना के प्रभारी रेंज अधिकारी आजाद कुमार नागौरिया ने बताया कि बाजना तहसील मुख्यालय से करीब 8 किमी दूर स्थित गढीगमना गांव में एक बिना मुण्डेर के कुएं में ग्रामीणों ने तेंदूएं के नन्हे शावक को देखा। यह शावक बीती रात किसी समय इस कुएं में गिर गया होगा। गांव के लक्ष्मण, विश्राम, सुनील आदि युवकों ने तेंदूएं के शावक को कुएं से बाहर निकाला और वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पंहुच कर शावक को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद शावक की पशु चिकित्सक से पूरी जांच करवाई गई। चिकित्सकों के मुताबिक शावक पूरी तरह स्वस्थ है। रेंजर श्री नागोरिया ने बताया कि उक्त शावक बीती रात अपनी मां के साथ घूम रहा होगा और गलती से इस कुएं में गिर गया होगा। शावक की आयु करीब तीन माह की होगी। इस शावक को फिर से जंगल मे छोडने के सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिकारी निर्णय लेंगे।
बढती जा रही है तेंदूओं की तादाद
जिले के सैलाना और शिवगढ क्षेत्रों में तेंदूओं की मोजूदगी पिछले कई सालों से देखी जा रही है। लेकिन बाजना इलाके में पहली बार तेंदूएं की मौजूदगी प्रमाणित हुई है। बाजना इलाके में तेंदूएं का शावक मिलने से यह स्पष्ट है कि इस इलाके में कम से कम एक नर और मादा तेदुआ मौजूद है और मादा तेंदुए के साथ तीन चार शावक हो सकते है। सैलाना और शिवगढ क्षेत्रों में तेंदुओं की तादाद लगातार बढने के संकेत भी इससे मिलते है। जिले के इन आदिवासी अंचलों में अब एक दर्जन या इससे भी अधिक तेंदुए होने का अनुमान है।
बाजना के गढीगमना में मिला तेंदुए का बच्चा, कुएं में गिरा था, ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, वन अधिकारियो को सौंपा
