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सिकल सेल अनिमिया से बचाव के लिए विवाह से पूर्व रक्त की जांच कराना आवश्यक

BySurendra Jain

Jun 27, 2024

खबर पक्की, 27 जून, रतलाम। सिकल सेल अनिमिया की जागरुकता संबंधी कार्यक्रम का संचालन 19 जून से 3 जुलाई तक किया जा रहा है। सीएमएचओ डा. आनन्द चंदेलकर ने बताया कि सिकल सेल अनिमिया एक अनुवांशिक रोग है, जिसका संचरण एक पीढी से दूसरी पीढी में होता है।
सिकल सेल अनिमिया से पीडित मरीज की रक्त कणिकाओं का आकार हंसिये जैसा हो जाता है जिसके कारण इसे सिकल सेल कहा जाता है। रक्त कणिकाओं का आकार हंसिये जैसा होने के कारण शरीर के आंतरिक अंगों को रक्त मिलने में बाधा उत्पन्न होती है, जिसके कारण हिमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और बार-बार रक्त चढाने की आवश्यकता होने लगती है। इसके प्रमुख लक्षण खून की कमी, शरीर में लगातार कमजोरी, हाथ-पैरों में दर्द, पैरों में सूजन, आंखों में लालिमा की कमी, थकान होना आदि मुख्य हैं।
इस रोग से बचाव के लिए विवाह से पूर्व जिस प्रकार लडके और लडकी की कुण्डली मिलाई जाती है, उसी प्रकार से वर-वधु की विवाह से पूर्व खून की जांच करवाई जाना चाहिए, जिससे दम्पत्तियों के मध्य विवाह होने से सिकल सेल होने की समस्या को रोका जा सकता है। सिकल सेल रोगी के साथ खाना खाने से, साथ रहने से, हाथ मिलाने से सिकल सेल नहीं होता है, अर्थात यह बीमारी छूने से बिल्कुल नहीं फैलती है। सिकल सेल रोगी से सामान्य व्यक्ति का विवाह होने की स्थिति में होने वाली संतान सिकल सेल वाहक हो सकती है।
सिकल सेल बीमारी का जिन अगर किसी इंसान के अन्दर है तो उसे खत्म नहीं किया जा सकता लेकिन इससे होने वाली तकलिफों को कम या नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें से कुछ दवाईयां जैसे हाइड्रोक्सी यूरिया, फोलिक एसिड आदि से लाभ होता है। इसलिए प्रति माह डा. से मिलकर खून की जांच करवाकर चिकित्सक के परामर्श से दवाईयां लेना चाहिए। सिकल सेल केवल आदिवासी अथवा जनजातीय लोगों को ही नहीं होता है, अपितु यह रोग किसी को भी हो सकता है। सिकल सेल रोग की जांच विशेषकर गर्भावस्था के प्रथम दो माह में, स्कूल छोडने वाले बच्चों, नवविवाहित दम्पत्तियों, एक संतान वाले दम्पत्तियों, विवाह योग्य इच्छुक युवक-युवतियों तथा शारीरिक रुप से कमजोर व्यक्तियों को आवश्यक रुप से करवाई जाना चाहिए।
सिकल सेल से पीडित मरीज दिव्यांगजन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पात्र हैं। दिव्यांगजन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एम.पी. आनलाईन के माध्यम से फोटो और आधार कार्ड द्वारा आवेदन करना होता है। दिव्यांगजन प्रमाण पत्र हेतु जिला चिकित्सालय रतलाम में प्रत्येक मंगलवार को बोर्ड द्वारा जांच एवं कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाती है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति जिला चिकित्सालय के कक्ष क्रमांक 20 में उपस्थित होकर दिव्यांगजन प्रमाण पत्र हेतु जांच करवाकर प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यक्रम अन्तर्गत सिकल सेल अनिमिया से पीडित रोगियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना, समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष साधन, उपकरण प्रदाय योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, वाचक भत्ता योजना, दिव्यांगजनों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, दिव्यांगजनों हेतु छात्र गृह योजना, दिव्यांगजनों हेतु उच्च शिक्षा में दी जाने वाली फीस, निर्वाह परिवहन भत्ता योजना, 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बैंच मार्क विकलांगता वाले प्रत्येक बच्चे को मुफ्त शिक्षा का अधिकार है, बैंच मार्क विकलांग व्यक्तियों के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में, सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण, सार्वजनिक भवनों (सरकारी और निजी दोनों) में निर्धारित समय सीमा में पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, आदि लाभ प्रदान किए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए ग्रामीण क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत अथवा शहरी क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत एवं टोल फ्री नम्बर 1800-233-4397 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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