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कांग्रेस नेता व कालोनाईजर ने प्रापर्टी व्यवसायी को लगाया तीस लाख का चूना, कोर्ट के आदेश से दो कांग्रेस नेताओं समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधडी, अमानत में खयानत और आपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज,जल्द होगी गिरफ्तारी

BySurendra Jain

Mar 21, 2024

खबर पक्की, 21 मार्च, रतलाम। कांग्रेस नेता आशीष डेनियल, याहया खान और आशीष की पत्नी सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश के बाद शहर के स्टेशन रोड पुलिस थाने पर इनके खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधडी और आपराधिक षडयंत्र रचने का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन्द्रा नगर निवासी प्रापर्टी व्यवसायी नरेन्द्र डबरिया, कांग्रेस नेता आशीष डेनियल से पूर्व परिचित था। आशीष डेनियल उसकी पत्नी श्रीमती नीलिमा संयुक्त रुप से एडी इन्टप्राईजेस नामक फर्म का संचालन करते है। कालोनाईजर, नौलाइपुरा निवासी चन्द्र प्रकाश पिता सागरमल भण्डारी की फर्म एएलएसए रियल एस्टेट एण्ड डेवलपर्स प्रा.लिमि. नामक फर्म का डायरेक्टर संचालक है। कांग्रेस नेता याहया खान पिता रफीक खान शैरानी और आरिफ बेलिम नि. आनन्द कालोनी भी प्रापर्टी व्यवसाय से जुडे होकर चन्द्र प्रकाश भण्डारी की कंपनी से जुडे हुए है।
प्रापर्टी व्यवसायी नरेन्द्र डबरिया को आशीष डेनियल ने बताया कि चन्द्रप्रकाश भण्डारी की कंपनी के द्वारा रायल रेसीडेन्सी नामक कालोनी विकसित की जा रही है, जिसके विकास कार्यों का ठेका आशीष डेनियल की फर्म एडी इन्टर प्राईजेस को मिला हुआ है। आशीष डेनियल ने उक्त कामों में धन की आïवश्यकता बताते हुए नरेन्द्र डबरिया से तीस लाख रु. की मांग की और उसे यह विश्वास दिलाया कि रायल रेसीडेन्सी के विकास कार्यो से होने वाली आय में उसे भी लाभांश दिया जाएगा। इसके लिए आशीष की फर्म एडी इन्टरप्राईजेस ने परिवादी नरेन्द्र डबरिया से एक अनुबन्ध भी संपादित किया। आशीष की बातों पर भरोसा करते हुए परिवादी नरेन्द्र डबरिया ने विगत 29 फरवरी 2016 को अपनी पत्नी कविता डबरिया के बैैंक खाते से तीस लाख रु. आरटीजीएस के माध्यम से कांग्रेस नेता आशीष डैनियल की कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा दिए।
इसके बाद करीब तीन साल गुजर गए। आशीष डैनियल की कंपनी को चन्द्र प्रकाश भण्डारी की कम्पनी से विकास कार्यों के बदले राशि मिलती रही,लेकिन आशीष ने परिवादी नरेन्द्र डबिरया को ना तो उसका लाभांश दिया और ना ही उसकी राशि लौटाई। इसके विपरित जब परिवादी ने आशीष से अपने रुपयों की मांग की तो उसने 13 जून 2019 को परिवादी नरेन्द्र के साथ एक नया भागीदारी विलेख संपादित करवा लिया। जिसके मुताबिक रायल रेसीडेन्सी का काम पूरा हो जाने के बाद जब भुगतान प्राप्त होगा,तो नरेन्द्र डबरिया को उसकी पूरी राशि लाभांश के साथ लोटा दी जाएगी।
परिवादी नरेन्द्र डबरिया को पता चला कि रायल रेसीडेन्सी का काम पूरा हो चुका है और इसके एवज में चन्द्रप्रकाश भण्डारी की फर्म के द्वारा आशीष को 7 करोड 33 लाख रु. का भुगतान भी कर दिया गया है। जब उसे यह बात पता चली तो उसने आशीष से अपनी रकम लौटाने की मांग की, लेकिन आशीष ने रुपए लौटाने के बजाय उसे अश्लील गालियां दी और धमकाया कि उसे रुपए नहीं दिए जाएंगे। इससे आहत होकर जब परिवादी नरेन्द्र ने कालोनाईजर चन्द्र प्रकाश भण्डारी,याहया खान और आरिफ बेलिम से बात की,तो उन्होने भी परिवादी को धमकाया।
आखिरकार परिवादी नरेन्द्र डबरिया ने इस बात की शिकायत पुलिस अधीक्षक को की। पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच तो करवाई गई, लेकिन जब कोई ठोस कार्यवाही आरोपियों के खिलाफ नहीं की गई तो, नरेन्द्र डबरिया ने न्यायालय की शरण ली। नरेन्द्र डबरिया के निजी परिवाद पर साक्ष्य लेने के बाद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार ने पुलिस थाना स्टेशन रोड को उक्त पांचों अभियुक्तों के विरुद्ध अमानत में खयानत, धोखाधडी और आपराधिक षडयंत्र रचने की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया।
प्रकरण के अनुसन्धान अधिकारी एसआई शरीफ खान ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उक्त पांचों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि आरोपियों के विरुद्ध लगाई गई धाराओं में सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी होना तय है। स्टेशन रोड थाने के एसआई शरीफ खान के मुताबिक आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा और न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

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