खबर पक्की, 11 जनवरी, रतलाम। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम ने एक बार फिर रतलाम की सफाई बंदोबस्त की पोल खोल कर रख दी। दिखावे की सफाई रिजल्ट के पैमाने पर खरी नहीं उतरी। गुरुवार को आए स्वच्छ सर्वे- 2023 परिणाम में रतलाम को वर्ष 2022 की तुलना में मायूस ही किया। राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रतलाम पिछले वर्ष की तुलना में 16 पायदान लुढ़कर 46 नंबर पर पहुंच गया है। जबकि प्रदेश की रैटिंग में 4 पायदान फिसल गए हैं।
वर्ष 2022 के रिजल्ट में देश में रतलाम को सफाई के मामले में 30वीं रैंक मिली थी। वर्ष-2023 के सर्वे में 46वीं रैंक प्राप्त हुई है। प्रदेश में वर्ष 2022 में रतलाम को 8वीं रैंक मिली थी, जो की वर्ष-2023 में 12वीं रैंक पर जा पहुंची है। स्वच्छता सर्वे 2023 में रतलाम को 9500 में से कुल 6911.07 अंक प्राप्त हुए हैं। 1 से 10 लाख की आबादी वाले देश के कुल 446 शहरों में रतलाम 46 वे नंबर पर जबकि प्रदेश के 32 शहरों में 12वें नंबर पर सफाई के मामले में पहुंचा। गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) में साल 2022 की तरह ही 2023 में भी सिंगल स्टार रेटिंग मिली है। वर्ष 2023 के सर्वे में सर्विस लेवल प्रोग्राम मसलन कचरा उठाना, सीवरेज के ढक्कनों की स्थिति, साफ-सफाई, जैविक खाद बनाने जैसी प्रक्रिया के 48 प्रतिशत अंक रखे गए थे। लेकिन जिम्मेदारों ने इन तमाम प्रक्रिया को लेकर जमीनी स्तर पर ऐसा कोई उल्लेखनीय कान नहीं किया। नतीजतन परिणाम सबके सामने है।
दूसरे शहरों के मुकाबले पिछड़े
9 हजार 500 अंक के सर्वे में इस बार सीवरेज मेनहोल के ढक्कन खुले रहने, सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को लेकर भी अंक तय किए गए थे। इसके अलावा सफाई मित्र सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई थी। इसके लिए दोगुने अंक बढ़ाए गए थे। इन सभी मामलों की परीक्षा में रतलाम नगर निगम कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया। सफाई के मामले में दूसरे शहरों से रतलाम पिछड़ गया।

