खबर पक्की, 24 नवंबर, रतलाम। विधानसभा चुनाव के तहत 3 दिसंबर को होने वाली मतगणना की शुरूआत डाकमत पत्रों की गणना से विधानसभा चुनाव के तहत होगी। लेकिन इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में डले मतों की गणना शुरू करने के लिए डाकमत पत्रों की गणना खत्म होने का इंतजार नहीं किया जायेगा।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक ईव्हीएम के मतों की गणना का काम डाकमत पत्रों की गणना शुरू होने के आधा घंटे बाद प्रारंभ किया जा सकेगा। भारत निर्वाचन आयोग डाकमत पत्रों की गणना के लिए प्रत्येक रिटर्निंग अधिकारी को एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी तथा एक गणना पर्यवेक्षक और दो गणना सहायकों को नियुक्त करने की मंजूरी भी प्रदान की है।
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार मतगणना राउण्डवार सम्पन्न होगी। निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात प्रेक्षक प्रत्येक दौर में मतगणना की रेण्डम जांच करेंगे। इसके अलावा आयोग के रिकार्ड के लिए मतगणना कक्षों की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जायेगी। मतगणना के पूर्व गणना पर्यवेक्षक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के केयरिंग केश के नंबर तथा मशीन पर अंकित नंबर का मिलान करेंगे और मशीन अभ्यर्थी के एजेंट को भी दिखायेंगे। साथ ही ईव्हीएम में लगी सील भी अभ्यर्थियों के एजेन्ट्स को दिखाई जायेगी। इसके बाद कंट्रोल यूनिट का टोटल बटन दबाकर डाले गये कुल मतों की संख्या ज्ञात की जायेगी। इसका मिलान पीठासीन अधिकारी द्वारा मतलेखा में दर्ज मों की संख्या से किया जायेगा। मिलान नहीं होने पर जानकारी रिटर्निंग अधिकारी को दी जायेगी। इस स्थिति में रिटर्निंग अधिकारी के आदेश के बाद ही आगे की मतगणना होगी। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के चुनाव प्रेक्षक के काउन्टर सिग्नेचर के बाद ही रिटर्निंग अधिकारी राउण्डवार परिणामों की घोषणा करेंगे।
ईव्हीएम के कंट्रोल यूनिट का डिस्पले पैनल देख सकेंगे उम्मीदवार एजेंट
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा के लिए 3 दिसम्बर को होने वाली मतगणना के दौरान ईव्हीएम के कंट्रोल यूनिट पर रिजल्ट बटन दबाते समय प्रत्याशियों के एजेंट को डिस्पले पैनल दिखाया जायेगा।
मतगणना सुपरवाइजर यह सुनिश्चित करेंगे कि एजेंटों को डिस्पले पैनल दिखाया जाए ताकि वे प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में डाले गए वोट की गिनती कर सकें, जो कंट्रोल यूनिट के डिस्पले पैनल पर प्रदर्शित होंगी।इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आवश्यकता होने पर मतगणना सहायक को कंट्रोल यूनिट को इस प्रकार उठाकर रखना होगा कि डिस्पले पैनल न सिर्फ मतगणना का सुपरवाइजर बल्कि मतगणना टेबिल पर बैठे दूसरे मतगणना सहायक, माइक्रो आब्जर्वर और जाली की दूसरी ओर बैठे प्रत्याशी के एजेंट को भी दिखाई दे। यदि कोई एजेंट ईवीएम पर एक बार से अधिक रिजल्ट देखने की इच्छा व्यक्त करता है तो मतगणना सुपरवाइजर को उसके संतोष के लिए फिर से रिजल्ट दिखाना होगा।
आयोग ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जब प्रत्येक मतदान की टेब्ल्युलेशन शीट (फार्म 17 सी) रिटर्निंग ऑफिसर की मेज पर आ जाती है तो रिटर्निंग ऑफिसर का कर्तव्य होगा कि रिटर्निंग ऑफिसर टेबिल पर बैठे प्रत्याशी, उसके एजेंट, मतगणना एजेंट को प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रत्येक प्रत्याशी को रिजल्ट को नोट करने दें।
हर चक्र में होगी रेण्डम आधार पर दो ईव्हीएम के मतों की गणना, प्रेक्षक करेंगे क्रॉस चेक
भारत निर्वाचन आयोग ने मतगणना की विशुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस विधानसभा चुनाव में मतों की गणना के प्रत्येक चक्र के अंत में दो मतदान केन्द्रों की ईव्हीएम मशीनों का रेण्डम आधार पर चयन करने तथा गिनती की पुन: जांच करने के निर्देश दिये हैं।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक मतगणना की विशुद्धता की जांच के लिए रेण्डम आधार पर दो ईव्हीएम का चयन कर दोबारा गिनती करने की यह कार्यवाही आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों द्वारा सम्पन्न कराई जायेगी। इस कार्य में प्रेक्षकों की सहायता हेतु रिजर्व पूल में रखे गये गणना सुपरवाईजरों एवं गणना सहायकों का चयन किया जायेगा। गणना सुपरवाईजरों और गणना सहायकों का यह चयन भी रेण्डम आधार पर होगा।
निर्वाचन आयोग ने रेण्डम आधार पर चयनित की गई ईव्हीएम मशीनों से मतों की गणना के लिए उसी मतगणना कक्ष में अलग से व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये हैं। निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक उन्हें उपलब्ध कराये गये अतिरिक्त मतगणना कर्मचारियों की सहायता से रेण्डम आधार पर की गई जांच में प्रत्येक अभ्यर्थी को प्राप्त मतों की गिनती से संतुष्ट हो जाने के बाद ही उस चक्र की मतगणना परिणाम पत्र पर प्रतिहस्ताक्षर करेंगे।
आयोग के मुताबिक रेण्डम आधार पर चयनित ईव्हीएम मशीनों पर पड़े मतों की दोबारा की गई जांच में यदि किसी गणना कर्मी को गलत नोट करते पाया जाता है तो उसे तुरंत गणना कार्य से हटा दिया जायेगा तथा दूसरे गणनाकर्मी को उसके स्थान पर प्रतिस्थापित किया जायेगा। गलती करने वाले कर्मचारी पर बाद में उसकी भूल-चूक के लिए गंभीर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।

