खबर पक्की, 15 सितंबर, रतलाम। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपलिया जोधा के अशोक कुमार बंसल एवं विकलांग छात्रावास के अधीक्षक अंबाराम बोस के द्वारा भोपाल में सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण के दौरान रतलाम जिले में विद्यालयों में किसी भी प्रकार से विकलांग बच्चों की सहायता एवं सहयोग के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे एवं रतलाम जिले में बंसल एवं बोस के द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान शीघ्र ही किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉक्टर मिनी मेहरा एवं सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञ के द्वारा प्रशिक्षण मध्य प्रदेश के 102 टीचर्स को शिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात जिला स्तरीय प्रशिक्षण शीघ्र प्रदान किया जाएगा। क्योंकि वर्तमान परिपेक्ष में विकलांग छात्रों को पहले से लेकर आठवीं तक एवं नवमी से लेकर 12वीं तक विद्यालय में प्रवेश देने में आना-कानी की जाती है और शिक्षकों के द्वारा उनको कहा जाता है की स्पेशल स्कूल में बच्चों को प्रवेश दिलाए। लेकिन अब राज्य शासन के द्वारा समस्त प्रकार के विकलांग बालक एवं कन्याओं को किसी भी तरह प्रवेश से वंचित न रखा जाए उनको जो सुविधा प्राप्त हो रही हैं यह मिलने वाली है उनको सुविधा मिलना चाहिए। इस अवसर पर डॉ मिनी मेहरा प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर समग्र शिक्षा सेकेंडरी एजुकेशन एवं आर एस तोमर एडिशनल डायरेक्टर समग्र शिक्षा सेकेंडरी एजुकेशन एवं मनीषा सेतिया एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर समग्र शिक्षा अभियान भोपाल ने उपस्थित होकर सांकेतिक भाषा की संदर्भ में जान पर जानकारी प्रदान की। मध्य प्रदेश की शिक्षकों से अपील किया कि अपने-अपने जिले में जाकर निशक्त बच्चों ले लिए विशेष कार्य करें। जिले की मोबाइल स्रोत सलाहकार का सहयोग लें।
जन शिक्षा केंद्र स्तर एवं संकुल स्तर परप्रत्येक गांव में सर्वे कर विकलांग बच्चों को जिन्होंने प्रवेश नहीं दिया है उनका प्रवेश दिलाने के लिए मुहिम तैयार करें। अगर किसी प्रकार की समस्या आती है तो लोक शिक्षण संचनालय आपकी हमेशा मदद करेगा। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मध्य प्रदेश के समस्त जिलों के दो-दो शिक्षक उपस्थित हुए एवं मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

