खबर पक्की, 6 सितंबर, रतलाम। तमिलनाडू के मंत्री उदयनिधि स्टालिन को बर्खास्त किए जाने की मांग को लेकर श्री सनातन धर्मसभा एवं महारूद्र यज्ञ समिति के साथ ही सनातन धर्म से जुड़ी संस्थाओं द्वारा राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के प्रतिनिधि एडीएम श्री मंडलोई को अध्यक्ष कन्हैयालाल मौर्य, स्वामी देवस्वरुपानंदजी, आत्मगोधानंदजी एवं संतगणों के नेतृत्व में पत्र सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया कि तामिलनाडू सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा पिछले दिनों सनातन धर्म के प्रति दिया गया बयान आपत्तिजनक है। अपितु देश की शांति को भंग करने वाला बयान है। इससे देशभर के सनातन धर्म के अनुयायियों को काफी ठेस पहुंची है। मंत्री स्टालिन ने सनातन धर्म के बारे में कहा है कि यह मलेरिया और डेंगू की तरह है। इसे खत्म किया जाना चाहिए। सनातन धर्म को उखाड़ फैंकने जैसे शब्द का इस्तेमाल करना सनातन धर्म का घोर अपमान है।
सनातन का अर्थ है सार्वभौमिक निर्विवाद.. शाश्वत धर्म जो समय से परे है, जिसका न तो कोई आरंभ है और ना ही कोई अंत। किसी निम्न कोटी के मूढ़बुद्धि म्लेच्छ मनुष्य द्वारा किसी शाश्वत सनातन धर्म को अपमानित करना पवित्र भारत भूमि की अखण्डता का अपमान है। सत्य सनातन का शंखनाद ऐसे अधर्मियों के वक्तव्य से कभी विचलित नहीं हुआ है और न होगा, लेकिन देश की राष्ट्रीय एकता अखण्डता को बदनाम करने और उसे क्षति पहुंचाने की दृष्टि से किए जा रहे ऐसे प्रयासों की जितनी निंदा की जाए उतना कम है।
सनातन धर्म में विश्वास करने वाले तमाम जन सभी धर्मों का सम्मान करते है और सामाजिक समरसता में विश्वास करते है। इसी दृष्टि से यह पत्र आपकी और प्रेषित है, ताकि किसी भी धर्म के प्रति अपशब्द कहने वाले लोगों पर लगाम लग सके और ऐसे तत्वों को कठोर दंड से दंडित किया जा सके।
पत्र देेते समय पूर्व विधायक कोमलसिंह राठौर, रामचंद्र शर्मा, अनिल झालानी, प्रेम उपाध्याय, मनोहर पोरवाल, डा. राजेन्द्र शर्मा नवनीत सोनी, राजाराम मोतियानी, मोहनलाल भट्ट, बाबूलाल चौधरी, चंदुलाल अग्रवाल, सतीश राठौड़, सतीश भारतीय, सत्यनारायण पालीवाल, शिवलाल भाटी, सत्यनारायण पापटवाल, प्रभु सोलंकी, सूरजमल टांक, सोहन व्यास, राधावल्लभ पुरोहित, हरिश सुरोलिया, महेश व्यास सहित श्री बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट, सनातन मानव कल्याण ट्रस्ट, गोपालमंदिर ट्रस्ट, कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट, हरिहर समिति ट्रस्ट, मेहंदीकुई बालाजी ट्रस्ट, बरबड़ हनुमान मंदिर ट्रस्ट, प्रभुप्रेमी संघ, गढक़ैलाश ट्रस्ट, बुद्धेश्वर भक्त मंडल, लोकेन्द्रनाथ महादेव मंदिर सहित अन्य ट्रस्ट एवं मंदिर समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

