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MP : अश्लील साइट्स पर रोक की पहल, 150 की हुई पहचान

BySurendra Jain

Apr 24, 2018

भोपाल। प्रदेश में बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर चिंतित सरकार ने इसके कारणों का अध्ययन कराया है। इसमें सामने आया कि छोटी उम्र के बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं अश्‍लील वेबसाइट के कारण होती हैं। वहीं अश्‍लीलता संबंधी एक अंतरराष्ट्रीय व्‍हाट्सएप ग्रुप का भी मध्यप्रदेश सायबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश के एक नाबालिग सहित तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। व्‍हाट्सएप ग्रुप में २६ देशों सहित १३१ भारतीय और ८० पाकिस्तानी सदस्य हैं।
सूत्रों के मुताबिक दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर मप्र सायबर पुलिस पिछले कुछ समय से वेबसाइट और व्‍हाट्सएप ग्रुप पर नजर रखे हुए थी। ऐसी करीब १५० वेबसाइट उन्होंने चिन्हित की थी। इनमें से करीब १० वेबसाइट तो कुछ समय बाद बंद हो गईं, लेकिन अन्य का संचालन हो रहा है। इनमें से २५ वेबसाइट को लेकर सायबर पुलिस ने गृह विभाग को रिपोर्ट भेजी है। इन्हें बंद कराने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है।
कुवैत संचालित ग्रुप
अश्लील फोटो, वीडियो वाले व्‍हाट्सएप ग्रुप भी सायबर पुलिस की खुफिया नजरों में थे, जिनमें से एक कुवैत में बैठे एडमिन द्वारा संचालित था। इस ग्रुप का नाम बदलता रहता था। इस अंतरराष्ट्रीय वॉट्सएप ग्रुप में २५५ सदस्य हैं, जिनमें से १३१ भारत के हैं और ८० पाकिस्तानी हैं। इनके अलावा यूएई और पेरू जैसे देशों के लोग भी सदस्य हैं। ग्रुप एडमिन द्वारा सदस्य बनाने के लिए सोशल मीडिया या ई-मेल के माध्यम से लिंक भेजे जाते हैं।
तीन सदस्य गिरफ्तार
आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि अश्‍लीलता वाले व्‍हाट्सएप ग्रुप के १३१ भारतीय सदस्यों में से चार मप्र-छत्तीसगढ़ के थे। मप्र के तीन सदस्यों में धार जिले का एक हायर सेकंडरी का छात्र भी है, जिसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। उसके अलावा एक अन्य धार जिले का बर्तन व्यापारी ४३ साल का औंकार सिंह राठौर और दूसरा पीथमपुर का इंजीनियरिंग ग्रेजुएट मकरंद सालुंके है। उन्होंने बताया कि सीआईडी द्वारा भी २१ मार्च से इस बारे में अभियान चलाया गया। इसमें २५ मामले सामने आए, जिन पर कार्रवाई की जा रही है।
इनका कहना है
दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर गृह विभाग ने अध्ययन कराया था। इसमें सामने आया है कि छोटी उम्र के बच्चों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं का एक कारण अश्‍लील वेबसाइट भी है। इनमें से २५ वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार को लिखा गया है।
– भूपेंद्र सिंह, गृह मंत्री, मप्र

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