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नापतौल विभाग ने वर्ष 2022-23 में 98 इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज का सत्यापन किया

BySurendra Jain

Apr 27, 2023

खबर पक्की, 27 अप्रैल, रतलाम। जिला नापतोल विभाग द्वारा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में वर्ष 2022-23 में 98 इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज धर्म कांटा का सत्यापन एवं मुद्रांकन का कार्य किया गया है। जिले में व्यापारियों द्वारा बड़ी मात्रा में व्यापार को संचालित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज का उपयोग किया जा रहा है। इनका व्यापार पूरे देश भर में फैला है, वे सामान खरीदकर इन्हें इलेक्ट्रॉनिक वेब्रिज पर तौल करते हैं और अपना माल इसी वेब्रिज पर तौल करके पूरे भारत में बेचने का कार्य करते हैं जिससे लाखों करोड़ों रुपए का क्रय-विक्रय किया जाता है।
जिला नापतौल निरीक्षक नसीम खान ने बताया कि सभी वेब्रिज का वार्षिक सत्यापन का कार्य विभाग द्वारा किया जाता है। सत्यापन के कार्य में राजस्व की प्राप्ति भी शासन को होती है। नापतौल निरीक्षक द्वारा बताया गया कि जिले में खाद्य विभाग द्वारा आवंटित लगभग 500 उचित मूल्य की दुकानों से उपभोक्ताओं को राशन प्रदान किया जाता है। निर्धारित मात्रा में राशन मिले, कोई हेराफेरी नहीं हो इसके लिए नापतौल विभाग द्वारा उचित मूल्य दुकानों पर रखे इलेक्ट्रॉनिक स्केल तथा अन्य नापतोल उपकरणों का सत्यापन भी किया जाता है।
जारी वित्तीय वर्ष 2022-23 मे विभाग ने 502 उचित मूल्य दुकानों का सत्यापन एवं मुद्रांकन का कार्य किया है। विभाग के अभियोजन प्रकरणों की जानकारी में बताया गया कि वर्ष 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक 258 अभियोजन प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। जिले में उपभोक्ताओं से उपकरणों के द्वारा एवं पैकेज वस्तु नियम में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं हो और उपभोक्ताओं को सही वजन मात्रा में सामान मिले, इसके लिए नापतौल विभाग निरीक्षण एवं अभियोजन प्रकरणों की कार्यवाही व्यापारियों पर करता है।
इस वर्ष बगैर सील के या असत्यापित कांटे बांट एवं इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा का उपयोग करने पर 124 व्यापारियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। पैकेज वस्तु नियम में निर्माता द्वारा जो जानकारी पैकेज पर उपभोक्ताओं के हित में लिखना चाहिए उसमें से किसी भी जानकारी के नहीं होने से प्रकरण पंजीबद्ध किए जाते हैं या भ्रामक जानकारी देने पर प्रकरण पंजीबद्ध किए जाते हैं। इस वर्ष पैकेज वस्तु नियम में नापतौल विभाग द्वारा निर्माताओं पर 134 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए, इससे जारी वित्तीय वर्ष में 20 लाख 23 हजार राशि जिले में प्राप्त हुई। उक्त कार्य में जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है।

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