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बैंक घोटाला नं.3…इस बार 390 करोड़ का फ्राड

BySurendra Jain

Feb 24, 2018

 

नईदिल्ली। PNB महाघोटाले और रोटोमैक कंपनी के मालिक की गिरफ्तारी के बाद देश में बैंक घोटाला नंबर 3 भी सामने आ गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में करीब 389 करोड़ 90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में दिल्ली के हीरा निर्यातक कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

हरियाणा स्थित गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित ओबीसी बैंक के ब्रांच से यह फर्जीवाडा हुआ है। लिहाजा बैंक के एजीएम स्तर के अधिकारी ने इस मामले की जानकारी सीबीआई को लिखित तौर पर दी और सीबीआई ने मामला दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी है। बैंक द्वारा इस मामले की जानकारी पिछले साल 16 अगस्त को दी गई थी। इस फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए CBI ने दिल्ली के ज्वेलर समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गुरूग्राम स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। मामले में बैंकों से साल 2007 से  लगातार फर्जीवाड़ा करके लोन लेने का आरोप है। बैंक को पैसे नहीं चुकाने के बावजूद मामले में लापरवाही दिखाई गई।

दिलचस्प बात यह है कि बैंक ने 31 मार्च 2014 को कंपनी को NPA के लिस्ट में भी डाल दिया था, लेकिन उसके बाद भी यह खेल जारी रहा। NPA की लिस्ट में शामिल होने के बावजूद कंपनी को करोडों का लोन मिलता रहा।

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली की मेसर्स द्वारिका दास सेठ इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और द्वारका दास सेठ सेज इनकॉरपोरेशन नाम की कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये कंपनी दिल्ली के करोलबाग में स्थित है। मामले में CBI ने जिनके खिलाफ केस दर्ज किया है, उसमें कंपनी के मालिक सभ्य सेठ और रिता सेठ के अलावा कृष्ण कुमार सिंह, रवि कुमार सिंह समेत कई सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

सभ्य सेठ और रिता सेठ दिल्ली के पंजाबी बाग में रहते हैं, जबकि कृष्ण कुमार सिंह सराय काले खां इलाके में रहते हैं। CBI जल्द ही इन सभी आरोपियों के खिलाफ मामले में तफ्तीश करेगी। CBI इनको पूछताछ के लिए अपने दफ्तर में बुलाने वाली है। सूत्रों की मानें तो तीन दिन के अंदर ही इन आरोपियों के खिलाफ सीबीआई बड़ी कार्रवाई करने वाली है।

 

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