खबर पक्की, 4 फरवरी, रतलाम। 28-01-2023 को समाचार पत्रों में रतलाम शहर की विकसित की जाने वाली अवैध कॉलोनियो की सूची एक बार फिर प्रकाशित हुई है। रहवासियों को बडी आशा है कि अब तो विकास होगा ही।
विकास की यह यात्रा नयागांव (राजगढ़) से प्रारंभ हुई है। इस यात्रा को मंजिल तक ले जाने के प्रयास में लगे सभी सम्मानित जनों का हृदय से आभार।
वर्ष 2009 में प्रथम बार पार्षद निर्वाचित होने के समय मेरे वार्डक्षेत्र में सभी अवैध और अविकसित कॉलोनियां थी मूलभूत सुविधाओं का पूर्णतः अभाव था। सर्वप्रथम सफाई और स्ट्रीट लाइट के लिए आग्रह किया उत्तर मिला अवैध/अविकसित कॉलोनियो में कोई कार्य सम्भव नही। कार्य कैसे हो पूछने पर सलाह में एकरूपता नही थी।
इसी बीच वर्ष 2010 का ग्रीष्मकाल आ गया। हैंडपंप और नलकूप सूखने लगे जिससे वार्ड में पानी की मारामारी शुरू हो गई। मेरे आग्रह पर तत्कालीन महापौर महोदय और जल प्रभारी महोदय के सहयोग से टैंकर्स से पानी उपलब्ध कराया गया, लेकिन यह स्थायी समाधान नही था इसलिए एक योजना बनाकर टीम के साथ प्रशासन के निर्देशन में जनभागीदारी के माध्यम से सज्जन मिल तालाब का गहरीकरण भूजल स्तर में वृद्धि के लिए किया गया। सज्जन मिल तालाब गहरीकरण कार्य के लिए 15 अगस्त के समारोह में मुझे जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
इन कॉलोनियो के विकास के लिए वार्ड के सहयोगियों की सलाह पर निगम अधिनियम का अध्ययन करना प्रारंभ किया। जब धारा 66 पर पहुचे तो निगम दायित्व के अनिवार्य कार्य मिल गये और वार्ड में सफाई और स्ट्रीट लाइट के कार्य होने लग गये। आगे बढ़े तो धारा 292 के प्रावधानो के साथ कॉलोनी विकास नियम 1998 मिल गये। इन नियमो के अन्तर्गत अवैध/अविकसित कॉलोनियो के विकास के प्रस्ताव बनाकर 4 अगस्त 2010 को नगर निगम रतलाम में मैंने प्रस्तुत कर दिये। एक वर्ष तक अधिकारीगण के साथ चर्चा और परिषद सम्मेलन में नियमो पर वाद विवाद होता रहा। अन्ततः तत्कालीन महापौर महोदय श्री शैलेन्द्र जी डागा के साथ नियमो पर विस्तार से चर्चा हुई और महापौर महोदय ने अवैध कॉलोनियो के ले आउट और एस्टिमेट बनवाये। रहवासियों से विकास शुल्क लेकर जमा राशि से विकास कार्य प्रारंभ हो गये। वर्ष 1990 के पूर्व की 2 अविकसित कॉलोनी के बंधक भूखंडों की नीलामी की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई। वर्ष 2013 में माननीय चैतन्य काश्यप जी विधायक निर्वाचित हुवे उनका लक्ष्य रतलाम के सर्वांगीण विकास का है।उनके समक्ष भी मैंने नियमो के साथ अवैध/अविकसित कॉलोनियो का विषय विस्तार से रखा। विधायक महोदय ने इन कॉलोनियो के विकास के लिए प्रदेश शासन से चार करोड़ रुपये स्वीकृत करवाये। इस राशि से कार्य प्रारंभ भी हो गये लेकिन माननीय हाई कोर्ट की रोक के कारण चलते कार्य रुक गए जो अब कॉलोनी विकास नियम 2021 के अंतर्गत करवाने के प्रयास प्रगति पर है।
इसी कारण आज हमारा रतलाम शहर प्रदेश में विकास मॉडल है। इसके मूल में हमारा राजगढ़ वार्ड है। यहां के रहवासियों ने 2 करोड़ रुपये से अधिक राशि विकास शुल्क के रूप में नगर निगम रतलाम में जमा कराई जिससे क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के कार्य- सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क, पेयजल पाइपलाइन आदि के कार्य संपन्न हुवे। इसीलिए मान्य मुख्यमंत्री महोदय ने अपने उदबोधन में इस वार्ड को अवैध कॉलोनियो के विकास के लिए रोल मॉडल कहा है।इसके अतिरिक्त कॉलोनाइजरो की 1990 से पूर्व अनुमोदित दो कॉलोनियो के बंधक भूखण्ड नीलाम कर विकास कार्य भी करवाये गये।
वार्डक्षेत्र में अवैध कॉलोनियो के विकास के लिए स्थानीय नागरिकों, सम्मानीय शहर विधायक महोदय, तत्कालीन महापौर महोदय, तत्कालीन जल प्रदाय प्रभारी महोदय, नगर निगम रतलाम प्रशासन और वे सभी जिन्होंने इस कार्य मे मेरा मार्गदर्शन एवम सहयोग किया, सभी का हृदय से आभार।
सीमा टाक पूर्व पार्षद

