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सामाजिक समरसता के लिए शास्त्र, शस्त्र एवं सामाजिक, चेतना आवश्यक है

BySurendra Jain

Jan 11, 2023


खबर पक्की, 11 जनवरी, रतलाम। सर्व ब्राह्मण समाज रतलाम द्वारा गंगा आश्रम पर आयोजित आचार्य चाणक्य स्मृति दिवस के अवसर पर श्री स्मृति बाल मंदिर के प्राचार्य श्री नरेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए शास्त्र, शस्त्र एवं सामाजिक चेतना की आवश्यकता है ,रामकृष्ण आश्रम के श्री सुभाष शर्मा ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए समाज को खण्ड,खण्ड करने वालो को हमे रेखांकित कर समाज के सामने लाना होगा, और बताना होगा कि यह लोग समाज को जोड़ने के वजाय तोड़ने का कार्य कर रहे है l
श्री आनंद गांधी ने कहा कि सामाजिक समरसता में संतों की भूमिका इतिहास मे भी और वर्तमान में भी महत्वपूर्ण रही है l
श्री नरेंद्र पंड्या ने अपने विचारों में कहा कि जातिगत व्यवस्था ना कभी थी, ना कभी है, और ना कभी रहेगी, जाति व्यवस्था कर्म पर आधारित है, जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है उसको वैसा संबोधन मिल जाता है
कर्मचारी नेता सुरेश जोशी ने कहा कि सामाजिक समरसता और अखंड भारत के लिए एक कदम उठाने की आवश्यकता है 125 करोड़ हिंदुस्तानियों के कदम हमारे साथ चल पढेंगे l
इस अवसर पर श्री जितेन्द्र प्रकाश भट्ट, शरद शुक्ला, श्याम सुंदर भाटी, शैलेन्द्र सिंह राठौर, सुनील भंडारी, अनिल भट्ट, राजेश जैन, सत्यदीप भट्ट बालकृष्ण तिवारी, जसवंत जोशी, प्रवीण रावल सहित बड़ी संख्या मे सभी समाज जन उपस्थित थे l
कार्यक्रम का संचालन श्री बृजेन्द्र नंदन मेहता ने एवं आभार श्री महेश जोशी ने माना।

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