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उत्तराखंड के जोशीमठ के खतरे को लेकर 29 जुलाई 2021 को ही चेतावनी दे दी थी अनिल झालानी ने

BySurendra Jain

Jan 9, 2023

खबर पक्की: 9 जनवरी रतलाम, रतलाम के प्रखर बुद्धिजीवी और समाजसेवी अनिल झालानी ने 29 जुलाई 2021 को ही उत्तराखंड के जोशीमठ में आने वाली विपदा की चेतावनी दे दी थी। उन्होंने जैसे ही केंद्र सरकार की उत्तराखंड में चार धाम के लिए ऑल वेदर रोड की खबर पढ़ी थी वैसे ही कई केंद्रीय मंत्रियों प्रधानमंत्री को इस संबंध में चेता दिया था कि हिमालय के पहाड़ कच्चे मिट्टी के और सीधे खड़े हैं इनसे थोड़ी सी भी छेड़छाड़ पर पर्यावरण और लोगों की जानमाल को भारी खतरा हो सकता है। अतः पहाड़ पर फोरलेन के बजाय इनकमिंग और आउटगोइंग के लिए टूलेन बनाई जाए जो काफी दूर हो इससे पहाड़ों का कटाव भी कम करना पड़ेगा और रोड फोरलेन की अपेक्षा कम खर्च में और उपयोगी बन जाएगी साथ हे उन्होंने पहाड़ों में मोनो रेल चलाने का सुझाव दिया था जिससे पहाड़ों पर धीमी गति से चलने वाली मोनोरेल पर्यटक को पहाड़ों के मनोरम दृश्य दिखाकर वहां की सरकारों की आय में वृद्धि करती। लेकिन जैसा कि होता है सरकारी कामकाज में इतना महत्वपूर्ण सुझाव को महत्त्व ना देते हुए विभागों ने उनके पत्र को संबंधित डिपार्टमेंट में भेज कर जवाब प्रेषित कर दिया और आज जोशीमठ के नागरिक मौत के मुहाने पर खड़े हैं अगर झालानी का यह सुझाव मान लिया जाता तो आज हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में नहीं पड़ती।

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