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जिला प्रशासन ने शासकीय सर्वे नंबरों की लिस्ट t&c और निगम को भेजी इसके आधार एक भी व्यक्ति को निर्माण अनुमति नहीं मिल पाएगी

BySurendra Jain

Dec 26, 2022

खबर पक्की : 26 दिसंबर रतलाम, मध्य प्रदेश सरकार ने नजूल एनओसी में आ रही दिक्कतों को देखते हुए और इसमें भ्रष्टाचार की लगातार प्राप्त शिकायतों के मद्देनजर एक जनवरी से नजूल एनओसी प्राप्त करने का प्रावधान खत्म किया जा रहा है। इसके लिए शासन ने निर्देश दिए हैं कि नजूल की जमीनों की जानकारी नगर निगम और टाउन कंट्री प्लानिंग को जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस तारतम्य में जिला प्रशासन द्वारा रतलाम शहर की नजूल जमीनों की जानकारी नगर निगम और टाउन कंट्री प्लानिंग को भेजी गई है उक्त जानकारी लगभग 1400 पेज की है और उसकी जद में पूरा शहर आ रहा है। नगर निगम और टाउन कंट्री प्लानिंग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त सर्वे नंबरों के नक्शे 31 दिसंबर को उनके कंप्यूटरों में फिट कर दिया जाएगा और 1 जनवरी को प्राप्त निर्माण अनुमति या किसी भी अनुमति के लिए आवेदनों का निराकरण उसी आधार पर किया जाएगा। यहां आपको यह बता देना उचित होगा कि उक्त आधार पर रतलाम शहर में एक भी परमिशन नहीं हो पाएगी क्योंकि उदाहरण के लिए 634 सर्वे नंबर जिसमें रतलाम शहर पूरा बसा हुआ है उक्त सर्वे नंबर के नक्शे को यदि फिट कर दिया जाएगा तो आपको रतलाम शहर की एक भी निर्माण अनुमति नहीं मिलेगी क्योंकि इसी में लक्कड़पीठा चौमुखी पुल नाहरपुरा रामगढ़ चांदनी चौक तोपखाना लोहार रोड आदि बसे हुए हैं और इसका रकबा 119 हेक्टेयर का है अर्थात 595 बीघा इसी प्रकार 119 नंबर जिसका रकबा 19 बीघा है गुलमोहर को भी शासकीय घोषित कर दिया गया है इसमें भी आपको एक भी निर्माण अनुमति नहीं मिलेगी 157 नंबर जिसमें Bank कॉलोनी वगैरह बसी हुई है और इसका भी रकबा लगभग 80 बीघा है यहां भी आपको परमिशन नहीं मिलेगी। कहने का मतलब यह है कि शहर में एक भी आदमी इस लिस्ट के आधार पर निर्माण अनुमति प्राप्त नहीं कर पाएगा। और इनकी registry पर भी रोक लगाई जा रही है। इस मसले पर नगर विधायक चैतन्य काश्यप से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि कि वह इस मामले में कलेक्टर से बातचीत करेंगे क्योंकि पूरा शहर ही इन्हीं सर्वे नंबरों पर बसा हुआ है और और जिला प्रशासन द्वारा लिस्ट को अपडेट किए बगैर इस तरह से जारी करना उचित नहीं है। बाहर हाल इतना तय है कि इस लिस्ट के आधार पर एक जनवरी से त्राहिमाम त्राहिमाम मचना अवश्यंभावी है।

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