खबर पक्की : 20 अक्टूबर रतलाम, लहजा चेंज करना है क्या आपको। नहीं, मन है क्या आपका लहजा चेंज करने का। एसडीएम साहब आपको कोई बात समझ में नहीं आ रही है। आपने जो भी बात आपकी हमारी हुई है किसी पर भी अमल नहीं किया है अभी तक।यह वार्तालाप उस वायरल वीडियो स्क्रिप्ट का हिस्सा है जो महापौर प्रह्लाद पटेल द्वारा रिकॉर्ड करवा कर वायरल की गई है। बताया जाता है कि पटाखों के खुदरा विक्रय हेतु लाइसेंस के लिए प्राप्त आवेदनों पर प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष जारी आवेदनों को को ही स्वीकृति दी थी और नए आवेदन एक भी एक भी मंजूर नहीं किया था। इसी बात को लेकर महापौर द्वारा एसडीएम संजीव पांडे को फोन लगाया था इस पर एसडीएम संजय पांडे द्वारा उन्हें बताया गया कि वह अभी मावे की चेकिंग कर रहे है इसलिए इस विषय पर बात नहीं कर सकते या आ नहीं सकते। बस इसी बात को लेकर महापौर ने फिल्म नायक के अनिल कपूर की तरह मोबाइल रिकॉर्डिंग करने वाले को इशारा किया और फटाके की तरह फट पड़े व एसडीएम की फोन पर लानत मलामत चालू कर दी। और इस रिकॉर्डिंग को वायरल करवा दिया। इस घटना के बाद आज विधायक चैतन्य काश्यप ने हस्तक्षेप कर 55 व्यापारियों को नए फटाका लाइसेंस इश्यू करवाएं। बहर हाल यह पूरा घटनाक्रम जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच तालमेल और समझ के अभाव को दर्शाता है। पार्टी में ही प्रहलाद पटेल के प्रतिस्पर्धी और प्रतिद्वंदी रहे भाजपा के नेताओं का ही यह कहना है कि इस तरह के सस्ती पब्लिसिटी के लिए इस तरह के वीडियो वायरल करने से महापौर पद की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी। एक नेता और अधिकारी का तो एक जैसा जवाब यह आया कि कुर्सी की ऐसी गर्मी पहले कभी नहीं देखी लेकिन जिनके अपने घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों पर इस तरह पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। अब यह उन्होंने क्यों और किस संदर्भ में कहा यह तो वही जाने। पर ऐसा लगता है कि यह घटना और उस पर आई प्रतिक्रिया आने वाले वक्त के लिए अलार्म है और पार्टी और संगठन को इसको गंभीरता से लेना चाहिए नहीं तो टकराव और बढ़ेगा जो दोनों ही पक्षों के हित में ना होकर शहर के लिए नुकसानदायक होगा।

