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टाउन कंट्री प्लानिंग पर कलेक्टर की छापामारी की इनसाइड स्टोरी जमीन मालिक का दुःसाहस परमिशन नहीं मिलने के बावजूद कॉलोनी काटी।

BySurendra Jain

Sep 24, 2022

खबर पक्की: 24 सितंबर रतलाम, 2 दिन पहले नगर एवं ग्राम निवेश विभाग पर कलेक्टर महोदय द्वारा की गई कार्रवाई की परतें धीरे-धीरे खुल रही है। सर्वे नंबर 778 जो के काला गोरा भैरू क्षेत्र में रतलाम शहर में स्थित है। इस सर्वे नंबर को रतलाम विकास प्राधिकरण की योजनाओं हेतु आरक्षित किया गया है। इसमें से 778 बटा 1 और 778 बटा दो कुल रकबा 7 बीघा 3 बिस्वा जो कि सचिन पिता नंदकिशोर नागौर भरत पिता राजकुमार निंदरवाल राजेश पिता रमेश चंद्र धाकड़ निवासी सागौद के नाम पर स्थित है। के द्वारा कॉलोनी काटने हेतु लेआउट पास करने के लिए नगर एवं ग्रामीण निवेश विभाग में आवेदन लगाया गया था। पढ़ चुकी उक्त सर्वे नंबर की भूमि रतलाम विकास प्राधिकरण हेतु आरक्षित है और पूर्व कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा इन सर्वे नंबर की भूमि को धारा 50(1) के अंतर्गत अधिग्रहित करने की कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी इस कारण इस लेआउट को पास करने के आवेदन को विभाग द्वारा खारिज कर दिया गया। बताया जाता है कि उक्त लेआउट पास करने के लिए प्रभारी मंत्री द्वारा काफी दबाव बनाया जा रहा था और इस संबंध में जिला प्रशासन प्रमुख को भी कई बार कहा गया था। बताया जाता है कि जब प्रभारी मंत्री के भारी दबाव के बावजूद विभाग द्वारा उक्त आवेदन खारिज कर दिया गया तो जिला प्रशासन द्वारा उक्त विभाग की अनियमितता पकड़ने के लिए और प्रभारी मंत्री को संतुष्ट करने के लिए उक्त विभाग पर छापामार कार्रवाई की गई। खबर पक्की ने इस कार्रवाई के तह में जाने के लिए उक्त सर्वे नंबर जो कि काला गोरा भेरू छेत्र में स्थित है का दौरा किया तो वहां नजारा कुछ दूसरा ही निकला बगैर परमिशन के बावजूद उक्त जमीन के मालिक द्वारा उत्तर 7 बीघा 3 बिस्वा जमीन पर कॉलोनी का प्रोजेक्ट प्रारंभ कर दिया गया है और 112 प्लाट काटकर नक्शा बाजार में घुमा दिया गया है। उक्त प्लाट 15 40 से लेकर 25 ×45 तक की साइज के है। कलेक्टर महोदय द्वारा मीडिया से चर्चा करते हुए उस दिन बताया गया था कि नाम विकास प्राधिकरण के लिए आरक्षित जमीनों पर यदि परमिशन दी गई होगी तो विभाग के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी लेकिन विभाग द्वारा खारिज आवेदन के उपरांत जमीन मालिक द्वारा इस तरह का दुस्साहस किया गया क्या जिला प्रशासन अपनी बात को चरितार्थ करते हुए उक्त कॉलोनाइजर के खिलाफ अवैध कार्रवाई के मामले में एफआइआर कर कार्रवाई करेगा।

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