खबर पक्की: 17 जून रतलाम, रतलाम में भाजपा के लिए परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले तो वैसे ही महापौर प्रत्याशी तय करने में बहुत ज्यादा देर लगा दी गई। जैसे तैसे प्रह्लाद पटेल के नाम पर नेताओं ने सहमति बनाई तो पार्षदों की सूची आते ही बवाल मचने लगा। इस बवाल में उबाल तब आया जब तेजतर्रार भाजपा नेत्री सीमा टाक ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ रतलाम विधायक चैतन्य कश्यप के ऑफिस पर रैली के साथ पहुंचकर उनसे मिलने की कोशिश की, नहीं मिलने पर उनके मातहत मणिलाल जैन के साथ काफी बहस बाजी की और उनके कार्यालय में धरना जमा कर रघुपति राघव राजा राम विधायक जी को सद्बुद्धि दे भगवान के भजन गाना शुरू कर दिया। सीमा टाक ने आरोप लगाया कि इस बार पार्षदों के टिकट में जम के भाई भतीजावाद चला है और जमीनी कार्यकर्ताओं को टिकट से वंचित किया गया है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल नगर मुखर्जी मंडल के मंडल अध्यक्ष ने अपने पत्नियो को टिकट दिलवा दिया। इसी प्रकार कई पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हुए अपने मिलने जुलने वालों को टिकट दिलवा दिया। सीमा टाक ने कहा कि असली भाजपा हम हैं क्योंकि हम जमीन पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं कल 2000 समर्थकों के साथ महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करूंगी और मेरे साथ 17 निर्दलीय पार्षद पद के प्रत्याशी भी नामांकन दाखिल करेंगे। इधर कांग्रेस ने भी युवा उम्मीदवार मयंक जाट को महापौर के लिए घोषित कर दिया है। ऐसे में अगर भाजपा ने सीमा को केकई बनने से नहीं रोका और त्रिकोणीय संघर्ष हुआ तो प्रह्लाद पटेल को वनवास जाना पड़ सकता है। सीमा टाक के इस बिगड़ैल रवैये के लिए विधायक चैतन्य कश्यप से संपर्क करने की कोशिश की गई पर संपर्क हो नहीं सका। जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लूनेरा से संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने कहा कि अभी मीटिंग में हूं उज्जैन इसलिए कोई जवाब नहीं दिया।

