खबर पक्की: 15 जून इंदौर,विजय नगर पुलिस थाने के सीसीटीवी फुटेज आरटीआई के तहत उपलब्ध करवाए जाए
युवक को अवैध रूप से हिरासत में रखने का मामला
अपीलार्थी के अधिवक्ता गौरव पांचाल ने बताया कि दिनांक 04.11.2021 को एक हत्या के मामले में अपीलार्थी के भाई को पुलिस थाना विजयनगर द्वारा दिनांक 04.11.2021 से दिनांक 08.11.2021 तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया तथा अवैध रूप से हिरासत में रखने के बाद अपीलार्थी के भाई पर झूठा प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
अपीलार्थी के भाई की पुलिस थाने में आने की घटना तथा अपीलार्थी के भाई को दिनांक 04.11.2021 से दिनांक 08.11.2021 तक अवैध रूप से हिरासत में रखने की घटना पुलिस थाना विजय नगर में लगे सी.सी.टी.वी. फुटेज में कैद हो गई जिसकी मांग करते हुए आरोपी के जेल में निरूद्ध होने से उसके अपीलार्थी द्वारा दिनांक 09.11.2021 को सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आवेदन लोक सूचना अधिकारी सीएसपी (वर्तमान सहायक पुलिस आयुक्त) विजय नगर के समक्ष प्रस्तुत किया गया हैं परन्तु सीएसपी विजयनगर द्वारा सीसीटीवी फुटेज अपीलार्थी को उपलब्ध नहीं करवाए गए। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाने पर सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने हेतु को अपीलार्थी द्वारा प्रथम अपील प्रथम अपीलीय अधिकारी पुलिस अधीक्षक इन्दौर (वर्तमान पुलिस उपायुक्त जोन- 2) के समक्ष प्रस्तुत की गई परन्तु अपीलीय अधिकारी द्वारा भी अपीलार्थी को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाए गए। प्रथम अपील करने के पश्चात भी पुलिस थाना विजयनगर द्वारा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाने पर अपीलार्थी द्वारा सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने हेतु द्वितीय अपील माननीय राज्य सूचना आयोग, भोपाल के समक्ष प्रस्तुत की गई
माननीय राज्य सूचना आयोग, भोपाल द्वारा अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत द्वितीय अपील पर राज्य सूचना आयोग द्वारा सुनवाई करते हुए अपीलार्थी, लोक सूचना अधिकारी/सहायक पुलिस आयुक्त विजयनगर तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी/पुलिस उपायुक्त जोन-2 को दिनांक 06.06.2022 को उपस्थित होने का आदेश दिये गये थे परन्तु माननीय राज्य सूचना आयोग, भोपाल का पत्र प्राप्त होने के पश्चात भी जानबूझकर लोक सूचना अधिकारी/सहायक पुलिस आयुक्त विजयनगर तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी/पुलिस उपायुक्त जोन-2 माननीय राज्य सूचना आयोग भोपाल के समक्ष उपस्थित नहीं हुए तथा माननीय राज्य के आदेश की अवहेलना की।
अपीलार्थी अपने अधिवक्ता गौरव पांचाल के साथ माननीय राज्य सूचना आयोग, भोपाल के समक्ष उपस्थित हुआ और द्वितीय अपील में तर्क दिए गए कि अपीलार्थी के भाई के विरूद्ध कोई प्रमाण एवं सबूत नहीं होने के पश्चात भी पुलिस थाना विजयनगर के थाना प्रभारी तहजीब काजी द्वारा आरोपी को दिनांक 04.11.2021 की रात से दिनांक 08.11.2021 तक पुलिस थाना विजय नगर में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और बाद में अपीलार्थी के भाई को गंभीर धाराओं के झूठे अपराध में फंसा दिया गया। आरोपी को दिनांक 04.11.2021 से दिनांक 08.11.2021 तक अवैध रूप से हिरासत में रखने का सम्पूर्ण घटनाक्रम पुलिस थाना विजय नगर में लगे सी.सी.टी.वी. वीडियों कैमरों में संग्रहित हैं। जिस हेतु अपीलार्थी द्वारा लोक सूचना अधिकारी/सहायक पुलिस आयुक्त विजयनगर के समक्ष सूचना के अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया तथा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी/पुलिस उपायुक्त जोन-2 के समक्ष भी प्रथम अपील प्रस्तुत की परन्तु आज दिनांक तक अपीलार्थी को पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाए गए। अपीलार्थी अधिवक्ता ने यह भी बताया कि यदि पुलिस थाना विजय नगर द्वारा सी.सी.टी.वी. कैमरों की वीडियों रिकार्डिंग नष्ट कर दी गई (जो कि अपराध में महत्वपूर्ण साक्ष्य है) तो आरोपी न्याय से वंचित हो जाएगा और उसे झूठे अपराध का सामना करना पडेगा जिसकी भरपाई एवं क्षतिपूर्ति करना भविष्य में असंभव होगा।
अधिवक्ता के तर्क सुनने के बाद माननीय राज्य सूचना अयोग, भोपाल द्वारा दिनांक 06.06.2022 को आदेश पारित किया गया कि लोक सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी को सुनवाई का अवसर दिया गया परन्तु उनकी ओर से कोई जवाब आयोग के समक्ष डाक एवं ई-मेल के माध्यम से प्रेषित नहीं किया गया है और न ही कोई अधिकारी आयोग के समक्ष आज उपस्थित हुए। पुलिस आरक्षी केन्द्र में सीसीटीवी फुटेज राज्य शासन द्वारा लगाए गए है और सीसीटीवी फुटेज की रिकार्डिंग अधिनियम की धारा 2 एफ के तहत सूचना की परिधि में आती है जो लोक दस्तावेज है और अपीलार्थी के भाई से संबंधित जानकारी प्रगट किए जाने में अधिनियम की धारा 8 एवं 9 के प्रावधानों की बाधा नहीं आती है। अतः अपील अंशतः स्वीकार कर लोक सूचना अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि चाही गइ जानकारी में पुलिस थाना विजयनगर में जहां जहां सीसीटीवी कैमरे में अपीलार्थी का भाई मनीष सिंह पंवार दिखाई पड़ता है उन समस्त स्थानों के सीसीटीवी फुटेज में से अपीलार्थी के भाई श्री मनीष सिंह पंवार से संबंधित फुटेज में से अपीलार्थी के भाई श्री मनीष सिंह पंवार से संबंधित जानकारी अधिनियम की धारा 10 के तहत पृथक कर अपीलार्थी को आदेश प्राप्ति के दो दिवस 48 घंटे में तत्काल पंजीकृत डाक या विशेष वाहक के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।

