खबर पक्की: 9 जून रतलाम, कांग्रेस में हमेशा खेल होता आया है और इस बार फिर खेल हो गया। प्रदेश के 16 नगर निगमों में से 15 के महापौर प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है सुबह तक खबर थी कि राजीव रावत का नाम फाइनल हो चुका है। लेकिन जैसे कि रतलाम में आम धारणा है कि रतलाम में कांग्रेस का प्रत्याशी रतलाम भाजपा विधायक चैतन्य कश्यप तय करते हैं तो सूत्र बताते हैं कि उन्होंने भाजपा की लड़ाई को आसान करने के लिए कांग्रेस द्वारा लगभग वाक ओवर दिए जाने हेतु रतलाम में अल्पसंख्यक कार्ड चल दिया है। और यह कार्ड चला है उनके पुराने कांग्रेसी संबंधों की वजह से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जब से चुनाव की घोषणा हुई है अभी तक एक बार भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार का नाम नहीं आ रहा था लेकिन एन घोषणा के दिन फाइनल नाम को रुकवा दिए जाने की यही वजह है। इससे रतलाम में कांग्रेस के जो कार्य कर्ता और महापौर प्रत्याशी के दावेदार है उनमें निराशा का माहौल है। रतलाम में वैसे ही कांग्रेस समाप्त प्राय: है। और सब जगह के प्रत्याशी के नामों की घोषणा होने के बाद रतलाम का नाम रोक दिए जाने के कारण चारों तरफ कांग्रेसियों में निराशा व्याप्त हो गई है। कांग्रेस का चाहे जो कुछ हो यह कांग्रेस को सोचना है किंतु रतलाम के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कर्ताधर्ताओ का यह मानना है कि रतलाम भाजपा विधायक चैतन्य कश्यप ने आखिरी वक्त में राजनीतिक चातुर्य दिखाते हुए मोहरा चलवा कर रतलाम में भाजपा महापौर की भारी-भरकम विजय सुनिश्चित कर ली है।

