खबर पक्की, 8 जून, रतलाम। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी में समस्त अनुविभागीय अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण से संबंधित एक्शन प्लान दो दिन में बना कर प्रस्तुत करें । उन्होंने कार्य योजना बनाने में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षाकाल समीप है और यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर करना प्रत्येक विभागीय अधिकारी का दायित्व है। जिला स्तरीय बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण समिति की बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े, एडीएम एम.एल. आर्य, डीएफओ डी.एस. डुडवे, नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया सहित समस्त अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों का यह दायित्व है कि वह अपनी योजना बनाएं और उसमें यह ध्यान रखें कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का वास्तविक आंकलन हो। उन्होंने कहा कि एक्शन प्लान बनना चाहिए और इस एक्शन प्लान में प्रत्येक नगरीय क्षेत्र या ग्राम क्षेत्र का भौगोलिक परिचय शामिल हो। इसके साथ ही पिछले वर्षों में वहां वर्षाकाल के दौरान उत्पन्न स्थिति का विवरण हो। वहां पर बहने वाली नदी-नालों की जानकारी हो। एक्शन प्लान में यह भी बताया जाए कि जल प्रभावित क्षेत्रों में कौन-कौन से नदी -नालों में जलभराव होता है । यदि बड़े बांधों वाले क्षेत्र हों तो जल भराव क्षमता की जानकारी दें। क्षेत्र की जानकारी भी दी जाए कि वहां कितने लोग निवासरत है और अधिक वर्षा की स्थिति में उन्हें कहां स्थानांतरित किया जा सकता है ।
कलेक्टर ने कहा कि हर विभाग के इस एक्शन प्लान की जानकारी सभी संबंधित विभागों को होना चाहिए। विभागीय अधिकारी अपना एक्शन प्लान समस्त एसडीएम से साझा करें। अपना कम्युनिकेशन सिस्टम मजबूत बनाएं। अन्य विभागों से समन्वय बनाए रखें। इसके साथ ही जिला स्तर और विकासखंड स्तर पर भी निरंतर संपर्क बनाते हुए अपनी प्रचार प्रसार प्रणाली को मज़बूत करें ।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं का भंडारण भी क्षेत्रों में सुनिश्चित करें। उचित मूल्य की दुकानों पर तीन महीने का सामान स्टोरेज किया जाए । निकायों द्वारा आश्रय स्थल पर भी इसी प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध संसाधन की स्थिति सुनिश्चित करें। आवश्यक दवाइयों का भंडारण रखें । अपने अमले की ड्यूटी भी लगाना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी तरह की कोताही न बरतें। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि क्षेत्र में पशुओं के चारे की व्यवस्था और उनके उपचार की व्यवस्था वर्षा काल के दौरान जाना सुनिश्चित करें । उन्होंने क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कहीं।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि वर्षाकाल के दौरान पेयजल की काफी परेशानी होती है। उसमें कई तरह की अशुद्धियां रहती है । ऐसे में शुद्ध पेयजल लोगों को उपलब्ध हो इसके लिए क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर आदि भी पर्याप्त मात्रा में रखें। सफाई और पेयजल के लिए अपने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना सुनिश्चित करें । वर्षा जनित उत्पन्न स्थितियों के मुकाबले के लिए अन्य उपकरण भी तैयार रखें। तैराकों एवं गोताखोरों की सूची रखें। उन्होंने होमगार्ड कमांडेंट को निर्देश दिए कि वह अपने समस्त आपदा उपकरण व्यवस्थित कर आपदा वाले क्षेत्रों के लिए प्लान बनाएं । उन्होंने कहा कि कार्रवाई इस तरह के होना चाहिए कि वह निर्देशात्मक न हो बल्कि उसे धरातल पर भी इंप्लीमेंट किया जाए ।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़, अतिवृष्टि की आशंका है उनका पूर्व निरीक्षण किया जाए। पुलिस थानावार टीम का सत्यापन कर ले । आपदा नियंत्रण टीम की सूची भी सम्बन्धित थाना प्रभारी को उपलब्ध करवा दी जाए।
बैठक में रतलाम एसडीएम संजीव केशव पांडेय, रतलाम ग्रामीण एसडीएम सुश्री कृतिका भीमावद, वीसी के माध्यम से जुड़े एसडीएम जावरा हिमांशु प्रजापति, आलोट सुश्री मनीषा वास्कले, सैलाना मनीष जैन ने अपने अनुभाग क्षेत्र में आपदा नियंत्रण से संबंधित की गई तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग द्वारा बनाई गई कार्य योजना से अवगत कराया।

