खबर पक्की, 27 मई, रतलाम। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन करवाना एवं भारत के परंपरागत ज्ञान से हमे सभी को पहचान कराना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार लेने का संकल्प लेना है विजऩ 2025, भारत विश्व गुरु बनेगा, भारत बदल रहा है, भारत विश्व गुरु की ओर स्थापित हो रहा है। संपूर्ण विश्व मे भारतीय संस्कृति की छवि बढ़ रही है। संपूर्ण विश्व के लोग व्यापार के लिए भारत की ओर आकर्षित हो रहे है। भारत की शिक्षा पद्धति बहुत अच्छी है, धर्म का प्रभाव बढ़ रहा है, अत्यंत महत्वपूर्ण होगी यह शताब्दी। रतलाम औद्योगिक क्षेत्र विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, रतलाम की सेव, सोना, साड़ी सम्पूर्ण भारत में प्रसिद्ध है। उक्त विचार सरस्वती विद्या मंदिर, काटजू नगर में विद्या भारती मालवा की चार दिवसीय प्राचार्य / प्रधानाचार्य योजना बैठक मे पधारें मुख्य अतिथि विद्या भारती मालवा प्रांंत के संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा ने व्यक्त किए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में अतिथियो द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया। योजना बैठक मे मुख्य अतिथि अखिलेश मिश्रा (विद्या भारती मालवा प्रांंत के संगठन मंत्री), डॉ. राजेन्द्र शर्मा (विद्या भारती मालवा ग्रामीण शिक्षा प्रांतीय अध्यक्ष), प्रकाश चंद्र धनगर ( विद्या भारती मालवा प्रांतीय सचिव ) मंचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत महेश गुप्ता व माखन सिंह आंजना ने किया। अमृत वचन मनीष सोनी व गीत संतोष विश्वकर्मा ने प्रस्तुत किया। संचालन सुंदरलाल शर्मा (प्रशिक्षण प्रांत प्रमुख) ने किया।
योजना बैठक में विद्या भारती मालवा के प्रांतीय कोषाध्यक्ष गोपाल काकानी, प्रांत प्रमुख पंकज पंवार, प्रांत सदस्य रशेष राठौड़, ग्रामीण ईकाई प्रांत प्रमुख मदन राठौर, महाप्रबंधक महेन्द्र भगत व क्षेत्रीय अधिकारी, प्राचार्य / प्रधानाचार्य आदि उपस्थित रहे।

