खबर पक्की : 25 अप्रैल रतलाम, ज्यो ज्यो रतलाम प्रेस क्लब के चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है की त्यों त्यों चुनावी सरगर्मियां बढ़ती जा रही है। आज शाम होते-होते एक और नाम के अधिकृत रूप से घोषणा कर दी गई है जो चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं और वह नाम है अमित निगम आइए जानते हैं उनके बारे में विस्तृत विवरण। नाम: अमित निगम
पिता स्वर्गीय डॉक्टर मदन निगम
निवास पता 164 राज बाग कॉलोनी मदन विला ओम शान्ताय नमः, गुरु तेग बहादुर एकेडमी के पास बड़बड़ रोड रतलाम मध्य प्रदेश 457001
शैक्षणिक योग्यता बीएससी एलएलबी
पत्रकारिता में अनुभव 16 वर्ष
1 राजस्थान पत्रिका बांसवाड़ा एडिशन 1 वर्ष का अनुभव सन 2005
2 डेमोक्रेटिक वर्ल्ड साप्ताहिक समाचार पत्र भोपाल सन 2006 से 2007 रतलाम ब्यूरो चीफ
3 सांध्य दैनिक 6:00 पीएम में 4 वर्ष का अनुभव रतलाम ब्यूरो चीफ 2007 से 2010
4 इनसाइट टीवी न्यूज नेटवर्क में रतलाम जिला ब्यूरो चीफ 2008 से
5 साधना न्यूज़ मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में रतलाम ब्यूरो चीफ 2009 से 2014 तक
6 राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल न्यूज एक्सप्रेस में 3 वर्ष का अनुभव 2013 से 2017 तक
7 न्यूज़ टाइम न्यूज़ चैनल में 1 वर्ष का अनुभव
8 न्यूज़ एक्सप्रेस मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में 2014 से 2015तक रतलाम ब्यूरो चीफ
9 स्वराज एक्सप्रेस में 2015 से वर्तमान तक रतलाम ब्यूरो चीफ
इसके अलावा 5 साल का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का अनुभव जिला न्यायालय इंटर्नशिप का अनुभव जिसमें रतलाम के कई ख्याति प्राप्त वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सानिध्य एवं आशीर्वाद मिला
सबसे बड़ी बात अमित निगम को पत्रकारिता विरासत में मिली है अमित निगम के पिताजी स्वर्गीय श्री डॉक्टर मदन निगम जो पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी थे इसके अलावा उन्होंने पहली बार हिम्मत दिखाकर मध्य प्रदेश शासन के खिलाफ मुकदमा लगाया था और उसको जीत कर इतिहास बनाया था इनके पिताजी ने इंग्लिश में कई लोगों को पारंगत किया और बुलंदियों तक पहुंचाया इसके अलावा अपनी सरकारी नौकरी में रहते हुए रतलाम के कई समाचार पत्रों में उन्होंने उन समाचार पत्र के लिए लेख लिखे आलेख लिखे समाचार लिखे जिसमें प्रमुख रुप से हमदेश आलोकन इसके अलावा बहुत से अंग्रेजी पेपरों में भी दूसरों के नाम से आर्टिकल लगे अमित निगम अपने पिता के पद चिन्हों पर चलते हैं प्रखर रूप से गलत बात का विरोध करते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि जब आसाराम का पूरे देश में डंका बज रहा था उस समय अमित निगम ने अपने सांध्य कालीन पेपर में उनकी पोल खोल कर तहलका मचा दिया था उस दौरान उनको कई धमकियां भी मिली थी अमित निगम की इसी कमजोरी को विरोधी अपनी उपलब्धि मानते हैं परंतु अमित निगम का मानना है कि हमेशा सत्य के लिए लड़ा जाए और आप जिस संस्था के लिए लड़ रहे हैं उसे अपनी मातृ संस्था मानकर उसके हित के लिए काम करें अमित निगम ने कई बार कई गंभीर विषयों पर अपने मुद्दे रखे और विरोध भी दर्ज कराया उसका कारण था कि वह नहीं चाहते कि रतलाम प्रेस क्लब ऐसे लोगों के हाथों में चला जाए जो इस के योग्य नहीं है उन्हें मालूम है कि उन्हें इस बात का नुकसान हो सकता है कि उन्होंने रतलाम प्रेस क्लब के इतिहास में पहली बार एक मुद्दा उठाया जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रतलाम प्रेस क्लब की ऐसे साथी जो सदस्य बनने जा रहे हैं या सदस्य हैं वह अपने संस्थान को लेकर कितने सजग हैं और कितने वफादार उसका प्रमाण पेश करें यही अमित निगम की कार्यशैली का परिचायक है परंतु इस विषय को लेकर कुछ लोगों ने नाराजगी जाहिर करी और पुरजोर विरोध किया अमित निगम का मानना है कि इस बार भी उनका पुरजोर विरोध होगा परंतु वह अपने पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए हार जीत को मान सम्मान मानते हुए रतलाम प्रेस क्लब के हित और उत्थान के लिए अवश्य चुनाव लड़ेंगे परंतु किस पद पर अभी उन्होंने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी है हालांकि उनका कहना है कि वह ऐसे पद का चुनाव लड़ेंगे जिससे रतलाम प्रेस क्लब के सभी साथियों तथा रतलाम प्रेस क्लब के उद्देश्यों को जीवित रखा जाए और उन्हें सर्वोपरि मानते हुए उनका पालन करते हुए रतलाम प्रेस क्लब को ऊंचाइयों पर ले जाया जाए

