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दीक्षा के पूर्व मुमुक्ष वल्ल्भ सकलेचा का अनूठा वर्षीदान

BySurendra Jain

Apr 17, 2022

खबर पक्की, 17 अप्रैल, रतलाम। दीक्षा के पूर्व धन वैभव से विरक्ति की परम्परा है तभी वेराग्य आता है ,और बाद में वर्षीदान की परम्परा है लेकिन एक अदभुत संयोग बना जब एक जरूरत मंद गौरव अरुण राव कामले अंबेडकर नगर निवासी 10 वर्षीय बालक जिसके लीवर में दिक्कत है लेकिन जांच के पैसे नहीं थे, ऐसे में जब वल्ल्भ भाई को मित्र मंडल से पता लगा उसे बुला लिया और जाँच के
25000 ह्म्ह्य प्रदान किये साथ ही आगे भी उसका इलाज अहमदाबाद में हो ऐसा आश्वाशन परिजन को दिया यह किसी के जीवन के लिए बड़ा वर्षीदान होगा उसके पहले बालक को प पु गच्छाधिपति पु आचार्य देव श्री मद रामचन्द्र सूरीश्वर के सु शिष्य रत्न पु आचार्य देव श्रीमद विजयतपो रत्न सूरीश्वर के सुशिष्य रत्न प्रसिद्ध प्रवचनकार पु मुनिराज कल्याण रत्न विजय जी म सा के दर्शन कराकर आशीर्वाद प्रदान करवाया ,उक्त जानकारी प्रकाश लोढ़ा ने देते हुए बताया कि यह बालक रेडक्रॉस के प्रदेश प्रबन्ध कार्यकारिणी सदस्य महेन्द्र गादिया के सम्पर्क में था जब चर्चा से पता लगा तो सबके मन मे आया कि दीक्षा पूर्व यह पुनीत कार्य वल्ल्भ भाई से करवाया ईस अवसर पर महेन्द्र गादिया ,प्रकाश लोढा, अमृत जैन दीपक कटारिया,दिनेश जोशी,कीर्ति दख,अतूल दख अर्पित सुराणा पंकज मेहता शुभम सकलेचा आदि उपस्तिथ थे।

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