रतलाम। उंकाला रोड पर किसान की मोटरसाइकिल पर टंगे 7 लाख 45 हजार रूपयों से भरे बैग को मोटरसाइकिल सवारों द्वारा चुराने का मामला झूठा निकला है। महज 8 घंटे में ही पुलिस ने इस केस को सुलझा लिया। खुद किसान ने ही झूठी कहानी रची थी, वह लोगों के उधारी के रूपए नहीं चुका पा रहा था, कर्जदारों को भ्रमित करने के लिए उसने यह कहानी बनाई थी।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उंकाला रोड पर बाजना के रहने वाले किसान सुरेंद्र सिंह देवड़ा ने अपनी मोटरसाइकिल पर टंगे बैग को अज्ञात बदमाशों द्वारा ले जाने की कहानी पुलिस को बताई थी। पुलिस तत्काल एक्शन में आई। वारदात स्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी फूटेज खंगाले गए। कहीं कोई संदिग्ध नहीं दिखा। फरियादी सुरेंद्र देवड़ा भी बार-बार बयान बदल रहा था। इसी पर पुलिस को शंका हुई। उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो राज खुल गया। सुरेंद्र ने ही पुलिस को बताया कि उसने 4 लाख 75 हजार रूपए अपने खेत पर बने टापरे में छुपाए थे। इसके बाद रतलाम आकर चोरी की झूठी कहानी गढ़ दी। दरअसल उस पर काफी कर्ज था और कर्ज देने वाले लोग तकादा कर रहे थे। इन्हीं से बचने के लिए उसने झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने सुरेंद्र के खेत पर बने कमरे से उसके द्वारा छुपाए गए रूपए भी बरामद कर लिए है।
