खबर पक्की : 5 अप्रैल रतलाम, दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री रतन लाल बड़जात्या का 88 वर्ष की उम्र में शांत परिणामों के साथ देहावसान हो गया , 2 तारीख नव वर्ष के दिन दोपहर साढे 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली , इस दिन नव वर्ष – गुड़ी पड़वा होने की वजह से सभी समाज जन समाज की गोट की तैयारियों में व्यस्त थे और अचानक यह खबर आने से पूरी समाज में गम का माहौल हो गया |
दिगंबर जैन समाज के तीनों ही प्रमुख मंदिरों के पदाधिकारियों राजकुमार अजमेरा , कमलेश पापरिवाल , ओम अग्रवाल ने अपराहन 2:00 बजे समाज के पदाधिकारियो की मीटिंग बुलाई जिस में उपस्थित सभी सदस्यों प्रमोद पाटनी , हीरालाल पाटोदी , मांगीलाल जैन , नरेंद्र गोधा , मुकेश मोठीया , कमल पाटनी , आशीष बाकलीवाल आदि ने एक स्वर में निर्णय लिया कि समाज के सदस्य के देहावसान पर कोई भी प्रोग्राम करना उचित नहीं है और गोट को निरस्त करना ही सही निर्णय रहेगा , जिसके बाद परंपरा अनुसार पूरी समाज के लिए तैयार किया गया भोजन लक्कड़पीठा अन्न क्षेत्र , ईश प्रेम बस्ती , वृद्ध आश्रम , मोती नगर में समाज के लोगो द्वारा वितरित किया गया , केवल 15 मिनट में दिगंबर जैन समाज द्वारा लिए गए इस निर्णय की नगर के सभी समाजों में सराहना की जा रही है ।
श्री रतन लाल जी बड़जात्या की अंतिम यात्रा निवास स्थान धनजी भाई का दौरा से निकाली गई व उनके पुत्र दिलीप बड़जात्या (बैंक वाले) , प्रदीप बड़जात्या ने मुखाग्नि दी , त्रिवेणी मुक्तिधाम पर भी जैन समाज के एवं सराफा व्यवसाय से संबंधित अनेक प्रतिष्ठित लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।

