खबर पक्की, 9 जनवरी, रतलाम। कोविड महामारी के संघर्षपूर्ण समय में रतलाम शहर के नन्हे आर्यवीर ने मात्र 3 वर्ष की उम्र मे विश्व रिकॉर्ड बना कर रतलाम नगर व देश का नाम रोशन किया है।
कंप्यूटर और लैपटॉप के कीबोर्ड के नाम पहचान कर सॉफ्टवेयर स्क्रैच लैंग्वेज ब्लॉक प्रोग्रामिंग को विस्तार से समझना वह उसमें प्रोग्राम बनाना जैसे मोशन मूवमेंट लूप साउंड अटैचिंग जोकि इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एनवायरमेंट पर आधारित है।
आर्यवीर ने ऐसा प्रोग्राम बनाया जिसमें वह किसी भी करैक्टर का मूवमेंट करके एक एनिमेशन का निर्माण कर सके। यह सारे अचीवमेंट आर्यवीर पटेल ने अपने नाम कर लिया है इसी तरह से नोबल वल्र्ड रिकॉर्ड के माध्यम से भारत,अमेरिका, इंग्लैंड सहित 120 देशों में यह रिकॉर्ड पब्लिश किया गया है।
आर्यवीर पटेल की माता दीपिका पटेल व पिता प्रीतांशु पटेल दोनों ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर है उन्होंने बताया कि आर्यवीर हम दोनों को वर्क फ्रॉम होम देखते हुए दो वर्ष की उम्र से ही लैपटॉप में रुचि लेता है
इसी बात को पहचान कर आर्यवीर के माता पिता ने ट्रेनिंग देना शुरू कर दी।
इस संघर्ष पूर्ण समय का सदुपयोग कर नौकरी (वर्क फ्रॉम होम) के साथ अपने बच्चे के विकास में भी केंद्रित कर संपूर्ण समाज के लिए एक उदाहरण पेश किया है।
आर्यवीर का अभी स्कूल में एडमिशन भी नहीं हुआ है इस तरह माता पिता ने घर पर ही बेटे कि प्रतिभा के साथ पढ़ाई में भी योगदान दिया। इस उपलब्धि पर आर्यवीर के दादाजी कोरोना योद्धा शिक्षक स्वर्गीय व्ही.सी पाटीदार दादी राधा पाटीदार, नाना महेश पटेल, नानी मीना पटेल एवं समस्त परिवार जन ने उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं एवं हर्षोल्लास व्यक्त किया है।माता पिता के वर्क फ्रॉम होम से बेटे आर्यवीर की प्रतिभा ने किया नाम रोशन, रतलाम के 3 साल के नन्हे आर्यवीर ने बनाया विश्व रिकॉर्ड!, वल्र्ड यंगेस्ट कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं वल्र्ड यंगेस्ट टेकी किड के टाइटल मैं नोबेल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड व कलाम बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

