खबर पक्की :11 दिसंबर रतलाम, लगता है रतलाम में कानून का नहीं डंडे का राज चल रहा है। हाई कोर्ट द्वारा तहसीलदार रतलाम गोपाल सोनी द्वारा कतिपय अजीत लालवानी के नाम से छतरी पुल रतलाम पर 1 तारीख को चस्पा किए गए वक्फ बोर्ड के संबंध में दिए गए नोटिस और उस पर की जाने वाली कार्रवाई को पूरी तरह रोक दिए जाने के बावजूद नायब तहसीलदार चौहान और राजस्व निरीक्षक मेहरबान सिंह द्वारा छतरी पुल राइट सर्विस कार बाजार पर बलपूर्वक प्रवेश कर सामान की सुरक्षा के लिये पतरे और बल्लियों की बाउंड्री वाल को तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया और 60 हजार का सामान बगैर कोई पंचनामा बनाये ले गये। और यह सब तब किया गया जब उनको बता दिया गया कि हाईकोर्ट की प्रमाणित नकल तहसीलदार गोपाल सोनी जी को कल दे दी गई है और उसके साइन और सील वाली कॉपी हमारे पास है। इससे लगता है कि जिला प्रशासन और उसके अधिकारी बिल्कुल बेलगाम हो गए हैं और कानून का किसी प्रकार का कोई खौफ उनके दिमाग में नहीं है और वह मनमानी गुंडागर्दी करने पर उतारू है जिससे रतलाम की जनता में भय व्याप्त है। उस पर तुर्रा यह कि उनके द्वारा यह कहा जाता है कि यह सब मुख्यमंत्री और शासन के कहने से ही किया जा रहा है आखिर रतलाम की जनता को किस बात की सजा दी जा रही है।

