खबरपक्की: 4 अप्रैल रतलाम, कलेक्टर रतलाम को हिसाब देना होगा रतलाम की जनता जानना चाहती है कि पिछले 2 महीने में कितने लोगों को नोटिस जारी किया गया उनमें से कितने नोटिस पर कार्रवाई की गई और बाकी को किस आधार पर छोड़ा गया। शासन की व्यवस्था पारदर्शी होना चाहिए और कार्यवाही कानून के हिसाब से गुण दोष के आधार पर होना चाहिए पर पर रतलाम जिला प्रशासन का निजाम गुण दोष और कानून के आधार पर नहीं लाभ हानि के आधार पर चल रहा है यही कारण है कि चलती भागवत कथा के दौरान बगैर पानी लेकर चस्पा किए गए नोटिस के आधार पर कानून की धज्जियां उड़ा कर तोड़फोड़ की गई वही पूर्व से जारी नोटिस में आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई मतलब साफ है कि लाभ हानि का गणित उनके पक्ष में है इसलिए कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। छत्रिय पुल की कार्रवाई भी इसीलिए की जा रही है कि जो लोग कब्जा धारी को कब्जा छोड़ने के लिए 50
लाख रुपए देने के लिए तैयार थे वह कब्जा छुड़वाने के लिए क्या कुछ कितना खर्च कर सकते हैं आप अंदाजा लगा सकते हैं।
