खबर पक्की : 4 दिसंबर रतलाम, क्या मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की सहमति से भागवत कथा के दौरान की गई तोड़फोड़ जी हां कलेक्टर रतलाम के बातों से तो ऐसा ही लगता है की सारे विधायक सांसद संगठन सब गौण हैं। आज शनिचरी अमावस्या पर छतरी पुल पर प्रारंभ हुई भागवत कथा के दौरान कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन के तहसीलदार एसडीएम दो बत्ती थाने के पुलिस बल के माध्यम से तोड़फोड़ की गई इसके पूर्व 2 दिसंबर को सुरेंद्र जैन द्वारा कलेक्टर को अवगत करा दिया गया था की आपने मुझे वक्फ को जमीन दिलाने के लिए उक्त जगह पर जो नोटिस चस्पा किया है वह जमीन का कब्जा धारी में हूं तथा मैंने पूर्व में शासन को आवंटन हेतु पत्र दे रखा है और अजीत लालवानी नाम का कोई व्यक्ति नहीं है और उक्त जमीन वक्फ की ना होकर शासन की है। इस पर कलेक्टर का कहना था कि एक बार जो कार्रवाई शुरू हो गई है वह या तो चीफ सेक्रेटरी के कहने से रुकेगी या चीफ मिनिस्टर के कहने से या फिर मैं खुद चाहूं तो रोक सकता हूं और कोई रास्ता नहीं है मैं तो जबरदस्ती गुना से यहां भेजा गया हूं मुख्यमंत्री का मुझे फ्री हैंड है और यहां से जब भी जाऊंगा किसी बड़ी जगह जाऊंगा। इसलिए रतलाम की जनता समझ ले कि यह सारी जोर जुल्म कलेक्टर द्वारा ऊपर के वरद हस्त और उनके सहमति से किया जा रहा है हम भी देखते हैं कि रतलाम की जनता पर किए जा रहे जुल्म की इंतहा कहां है।
