खबर पक्की : 3 दिसंबर रतलाम, क्या रतलाम आइस फैक्ट्री की सब रजिस्टार के यहां पर पेश दस्तावेज कूट रचित है और उन्ही के आधार पर रजिस्ट्री संपादित की गई है। डेढ़ सौ से 200 करोड़ की मूल्य की उक्त जमीन के सारे दस्तावेज तो इसी बात की ओर इशारा कर रहे हैं। उक्त जमीन की पुरानी पावती जिसमें कृषक का प्रकार लिखा जाता है उसमें मौरूसी कृषक, भूमि स्वामी और शासकीय पट्टेदार पर टिक किये गये गए राइट के निशान को सफाई से गायब कर भूमि स्वामी के ऊपर राइट के निशान को टिक कर दिया गया। उक्त 1973, 74 में बनी पावती मैं की गई उक्त कारस्तानी सीधे-सीधे कूट रचना कि श्रेणी में आती है जिस पर सीधी-fir होना चाहिए बताया जाता है कि उसी पावती के आधार पर रजिस्ट्री संपादित की गई है उक्त पावती में भूमि स्वामी पर टिक होने के बावजूद उस समय के खसरा नकल में शासकीय पट्टा ग्रहिता साफ दर्ज है इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सारे अकल होशियार के बावजूद वह यहां पर गच्चा खा गया। प्रशासन को इस बात की जांच करना चाहिए कि उक्त पावती के आधार पर रजिस्ट्री कैसे संपादित हो गई और यदि नई पावती बनी तो जब शासकीय पट्टा धारक था तो भूमि स्वामी स्वत्व की पावती किस आधार पर किस अधिकारी के आदेश से बनी।

