खबर पक्की :16 नवंबर रतलाम, रतलाम विधायक चैतन्य कश्यप की लार्जर दैन लाइफ छवि को खराब करने के लिए जिस तरह संगठन और सरकार के इशारे पर रतलाम प्रशासन आम जनता से भाजपा को जिताने का बदला ले रहा है उसे वे जितनी जल्दी समझ जाए अच्छा है। संगठन और सरकार के स्तर पर जनता में उनका बढ़ता कद स्वयं उनके साथ-साथ रतलाम की जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हर चीज का डाटा रखने और एनालिसिस करने वाले विधायक जी को अभी तक के घटित क्रियाकलाप से यह समझना होगा की जनता में उनकी छवि खराब करने के लिए कोई साजिश चल रही है अगर वह जल्दी ही यह नहीं समझे तो उनके द्वारा अभी तक की गई सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। जिस शहर को वे बदल रहा रतलाम बन रहा नया रतलाम बनाना चाहते हैं को अगर जिला प्रशासन को विध्वंस करने से उन्होंने नहीं रोका तो शहर में जिधर जाओगे कंक्रीट के कब्रिस्तान नजर आएंगे। और यह सब रोकने के लिए उनको जनता का समर्थन लेकर सड़क पर आना ही होगा। मुझ जैसा जावरा से छोड़कर रतलाम आया हुआ अदना सा पत्रकार जब यह समझ रहा है कि इस शहर को बर्बाद किया जा रहा है तो पता नहीं रतलाम के जनप्रतिनिधियों और रतलाम की जनता को यह बात समझ में क्यों नहीं आ रही है। के इस पूरी कार्रवाई में सिर्फ और सिर्फ आम नागरिक को निशाना बनाया जा रहा है। इस पर मैं तो सिर्फ यही कह सकता हूं की मेरा शहर है यह इससे प्यार मुझको, कि कोई मेरी कंगाली पर महल उठाये ना, कि कोई मेरे सरगम के पर्दों में आग लगाए ना, यह जो झोपड़ी है इससे प्यार मुझको, मेरा शहर है यह इससे प्यार मुझको।

