खबर पक्की: 8 नवंबर नई दिल्ली, फ्रेंच विमान निर्माता कंपनी दसॉ (Dassault) ने भारत को 36 राफेल फाइटर जेट बेचने का सौदा हासिल करने के लिए मिडिलमैन (बिचौलिये) को करीब 7.5मिलियन यूरो (लगभग 650 मिलियन या 65 करोड़ रुपये ) का भुगतान किया और भारतीय एजेंसियां, दस्तावेज होने के बावजूद इसकी जांच करने में नाकाम रहीं। फ्रेंच पोर्टल ‘Mediapart’ ने अपनी नई रिपोर्ट में यह आरोप लगाया है। यह ऑनलाइन जर्नल, 59,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहा है।मीडिया पार्ट ने कथित झूठे बिल प्रकाशित किए हैं जो बताते हैं कि दसॉ ने कथित बिचौलिये सुशेन गुप्ता को गुप्त रूप से कमीशन का भुगतान किया। पोर्टल कहता है, ‘इन दस्तावेजों की मौजूदगी के बावजूद भारतीय संघीय एजेंसी ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया और जांच शुरू नहीं की।
