खबर पक्की: 29 अक्टूबर रतलाम, द्वारका रेजिडेंसी के मामले में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा नगर निगम आयुक्त और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारी को दिनांक 26 अक्टूबर को जारी पत्र अनुसार सात दिवस में उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजना है जिन्होंने बिल्डर के साथ मिलीभगत कर शासन की भूमि को रास्ता बता कर शासन को तीन करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। जबकि वास्तविकता यह है कि निगमायुक्त और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने कलेक्टर नजूल द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र में उपरोक्त भूमि पर रास्ता बताने के आधार पर निर्माण अनुमति जारी की थी और लेआउट पास किया था। इसलिए कोई सर्वप्रथम दोषी है तो वह कलेक्टर नजूल ही है जिसने अपनी चर्तु सीमा में उक्त भूमि के पूर्व दिशा में आने जाने का रास्ता बताया है। लेकिन इस लेटर से ऐसा लगता है के अपनों को बचाने और दूसरों को फसाने के लिए जमीन तैयार की जा रही है। यहां यह प्रश्न भी उठता है कि निगमायुक्त टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारी जिन्होंने नजूल एनओसी के आधार पर निर्माण अनुमति लेआउट पास किया क्या खुद अपने खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को भेजेंगे। और सबसे बड़ी बात जब हाईकोर्ट में इस केस से संबंधित कलेक्टर का आदेश निगम का आदेश और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के समस्त कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है ऐसे में यह सारी कवायद व्यर्थ जान पड़ती है।

