रतलाम। रतलाम शहर कांग्रेस में एक नया विवाद शुरू हो गया है। संगठन चुनाव में सांसद कांतिलाल भूरिया द्वारा 5 लोगों के नामों की अनुसंशा किए जाने के बाद यह विवाद शुरू हुआ है। बुधवार को तो शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने सांसद भूरिया की अनुसंशा से नाराज होकर दो बत्ती स्थित कार्यालय के पिछले हिस्से में लगा शहर कांग्रेस कार्यालय का बोर्ड तक उतार दिया, हालांकि इसके पीछे दीपावली की सफाई का तर्क दिया जा रहा है। नाराज शहर अध्यक्ष विनोद मिश्रा का कहना है कि शहर कांग्रेस का नया अध्यक्ष नई जगह कार्यालय शुरू करेगा।
दरअसल, कांग्रेस में फिलहाल ब्लॉक स्तरीय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। 10 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य और ब्लाक अध्यक्षों के नामों की घोषणा होना है। कांग्रेस से जुड़ सूत्रों की माने तो सांसद कांतिलाल भूरिया ने अपनी ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य (पीसीसी) के लिए संजय छाजेड़ और याहया खान के नाम की अनुसंशा की है। इसके अलावा ब्लाक अध्यक्ष पद के लिए सांसद की ओर से विजय सिंह चौहान और कमरूद्दीन कछवाय के नाम भेजे गए है। शहर अध्यक्ष पद के लिए दो लोग दावेदार थे। महेंद्र कटारिया और शांतिलाल वर्मा, सूत्रों की माने तो सांसद की ओर से शांतिलाल वर्मा के नाम की अनुसंशा की गई है। अनुसंशा का यह पत्र पीसीसी में कहीं से रतलाम के कांग्रेस नेताओं के हाथ लग गया। इसके बाद से ही विवाद की शुरूआत हुई। वर्तमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनोद मिश्रा मामा और कार्यवाहक अध्यक्ष जेम्स चाको दोनों ही सांसद कांतिलाल भूरिया के नजदीकी है। प्रदेश कमेटी के सदस्य बतौर इन्हें अपना नाम भेजे जाने की उम्मीद थी लेकिन नाम याहया खान और संजय छाजेड़ के भेजे गए। बुधवार को इससे नाराज शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने अपने कार्यालय के पिछले हिस्से में लगा शहर कांग्रेस कार्यालय का बोर्ड हटा दिया। हालांकि वे खुलकर इस पर नाराजगी व्यक्त नहीं कर रहे है। khabarpakki.com प्रतिनिधि से बातचीत में उन्होंने कहा- दीपावली की सफाई की वजह से बोर्ड हटाया था। पीसीसी और ब्लाक के लिए भेजे गए नामों का खुलासा 10 अक्टूबर के बाद हो पाएगा। हालांकि यह तय है कि जो भी नया शहर अध्यक्ष होगा वह अपने स्तर पर स्थान का चयन कर शहर कांग्रेस का कार्यालय खोलेगा।
पहले से नाराज है एक खेमा
सांसद कांतिलाल भूरिया से कांग्रेस का एक खेमा पहले से नाराज चल रहा है। मेहमूद खान, प्रमोद गुगालिया, मंसूर पटौदी और इनके समर्थक सांसद के खिलाफ पिछले कई महीनों से मोर्चे पर है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से पार्षद नासिर कुरैशी, मुबारिक खान, नजमा इक्का बैलूत, रैहाना वहीद शैरानी सांसद के खिलाफ इस मोर्च में शामिल है। मुस्लिम नेताओं में खुर्शीद अनवर सहित अन्य लोग भी नाराज तो है लेकिन पार्टी से बंधे होने के कारण खुलकर विरोध नहीं जता पा रहे है। संगठन चुनाव के दरमियान शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनोद मिश्रा के नाराज होने के बाद सांसद समर्थकों का ही एक नया खेमा विरोध में खड़ा होने की संभावना प्रबल हो गई है।
