खबर पक्की :28 अप्रैल रतलाम, कोरोना की बढ़ती महामारी के बीच सारी व्यवस्था अब दम तोड़ती नजर आ रही है रतलाम जिला चिकित्सालय में 2 दिन से भर्ती पीयूष पिता सुरेश गांधी निवासी बोरी जिला झाबुआ की असामयिक मृत्यु तो यही कहानी बयान कर रही है, बताया जाता है कि पीयूष गांधी की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी और उनको चेस्ट में इंफेक्शन था और वह सर्जिकल वार्ड में बनाए हुए आईसीयू में भर्ती होकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। पीयूष गांधी के सगे जीजा जी सुशील मूणत के अनुसार उनकी उम्र 28 वर्ष थी और स्थिति ऐसे नहीं थी कि उनकी मृत्यु हो जाए उन्होंने आईसीयू वार्ड में तैनात नर्स से जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि रात में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने इसकी जानकारी सभी जिम्मेदारों को दे दी थी लेकिन अंततः रात को 2:00 बजे एक जवान जहान नौजवान ने लापरवाह व्यवस्था के आगे घुटने टेक दिएऔर अपनी सांसों को विराम दे दिया अस्पताल में पीड़ित परिवारों के परिजनों का दुख देखा नहीं जा रहा है। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में तैनात स्टाफ भी जिम्मेदारों के गैर जिम्मेदाराना रवैया से आजिज आ चुका है और उन में भय व्याप्त हो गया है कि उनके कोई गलती ना होते हुए भी मरीज के परिजन उनके साथ हाथापाई और मारपीट कर सकते हैं। रतलाम जिला प्रशासन को तुरंत इस मामले में अस्पताल के गैर जिम्मेदार अधिकारियों डॉक्टरों का उत्तरदायित्व तय कर उचित कार्रवाई करना चाहिए नहीं तो निचले स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का मनोबल टूट जाने पर आगे जाकर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
