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पहली बार पेपरलेस बजट : 15 हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स शुरू करेंगे, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 20 हजार करोड़ खर्च करेंगे

BySurendra Jain

Feb 1, 2021

खबर पक्की, 1 फरवरी, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण जारी है। बजट की शुरुआत करते हुए निर्मला ने कहा, इस बजट का पहला हिस्सा है- हेल्थ एंड वेलबीइंग। हम बचाव, इलाज और वेल बीइंग पर फोकस करना चाहते हैं। 64,180 करोड़ रुपए के बजट के साथ प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना शुरू होगी। यह बजट नई बीमारियों के इलाज के लिए भी होगा। 70 हजार गांवों के वेलनेस सेंटर्स को इससे मदद मिलेगी। 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल शुरू होंगे। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल को मजबूत किया जाएगा। इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा ताकि पब्लिक हेल्थ लैब्स को कनेक्ट कर सकें। 15 हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स शुरू किए जाएंगे। 9 बायो सेफ्टी लेवल 3 लैब शुरू होंगी।
बजट की बड़ी बातें
हेल्थ के लिए
न्यूट्रिशन पर भी ध्यान दिया जाएगा। मिशन पोषण 2.0 शुरू किया जाएगा। वॉटर सप्लाई भी बढ़ाएंगे। 5 साल में 2.87 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।
शहरी इलाकों के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया जाएगा। शहरी स्वच्छ भारत मिशन पर 1.48 लाख करोड़ 5 साल में खर्च होंगे।
निमोकोक्कल वैक्सीन को देशभर में शुरू किया जाएगा। इससे 50 हजार बच्चों की हर साल जान बचाई जा सकेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए
इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट की जरूरत है। इसके लिए एक बिल लाया जाएगा। 20 हजार करोड़ रुपए इस पर खर्च होंगे ताकि 5 लाख करोड़ रुपए का लैंडिंग पोर्टफोलियो 3 साल में बनाया जा सके।
पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को मॉनेटाइज करने पर ध्यान दिया जाएगा। नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन लॉन्च होगी। इसका एक डैशबोर्ड बनेगा ताकि इस मामले में हो रही तरक्की को देखा जा सके।
नेशनल हाईवेज अथॉरिटीज भी अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करेंगी। रेलवे भी फ्रेट कॉरिडोर को मॉनेटाइज करेगी। आगे जो भी एयरपोर्ट बनेंगे, उनमें भी मॉनेटाइजेशन पर ध्यान दिया जाएगा।
चुनाव वाले 3 राज्यों के लिए
भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए 3.3 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। 3500 किमी नेशनल हाईवेज प्रोजेक्ट के तहत तमिलनाडु में 1.03 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका कंस्ट्रक्शन अगले साल शुरू होगा।
1100 किमी नेशनल हाईवे केरल में बनेंगे। इसके तहत मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर भी बनेगा। केरल में इस पर 65 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
बंगाल में 25 हजार करोड़ रुपए की लागत से हाईवे बनेंगे। कोलकाता-सिलीगुड़ी रोड का अपग्रेडेशन होगा। 34 हजार करोड़ रुपए असम में नेशनल हाईवेज पर खर्च होंगे।
टीम इंडिया की जीत का जिक्र
सीतारमण ने कहा कि आज भारत उम्मीदों का देश बना हुआ है। रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा था कि उम्मीद एक ऐसा पक्षी है, जो अंधेरे में भी चहचहाता है। टीम इंडिया ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में जबर्दस्त प्रदर्शन किया। इसने हमें याद दिलाया कि हम लोगों में किस तरह की क्वालिटी है। आज डेटा बताता है कि भारत में कोरोना की वजह से सबसे कम मृत्युदर है। यही सारी बातें इकोनॉमी के कायापलट की निशानी हैं। अब तक तीन बार ही बजट त्रष्ठक्क के निगेटिव आंकड़ों के बाद पेश हुआ है। इस बार निगेटिव आंकड़े दुनियाभर में आई महामारी की वजह से हैं।
इस बजट से आम लोगों और कारोबारी जगत, दोनों को काफी उम्मीदें हैं। उम्मीद की वजह पिछले साल 18 दिसंबर का उनका बयान है। उन्होंने कहा था कि इस बार जैसा बजट पिछले 100 साल में नहीं आया होगा। 29 जनवरी को संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे में इसके लिए कई संकेत दिए गए हैं। अगर बजट इन्हीं संकेतों के मुताबिक रहा तो इसमें ये खास बातें दिख सकती हैं…
इकोनॉमिक सर्वे तैयार करने वाले मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने कहा था, ‘समय आ गया है जब सरकार अपना खर्च बढ़ाए और लोगों पर टैक्स का बोझ कम करे।Ó हालांकि, निजी कंपनियां अभी खर्च बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए सरकार को ही खर्च बढ़ाना पड़ेगा। लेकिन खर्च के लिए सरकार के पास पैसे की कमी है। इसलिए टैक्स में राहत की उम्मीद भी कम है। उल्टा कोरोना-सेस लगाने की चर्चा है, भले ही यह ज्यादा कमाई वालों और कंपनियों पर लगे।

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