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पुलिस की सनक और एक परिवार की हनक ने ले ली एक नौजवान की जान

BySurendra Jain

Oct 20, 2020

खबर पक्की: 20 अक्टूबर रतलाम, 6 साल का योगेंद्र, 12 साल की उसकी बहन राखी और उनकी मां रुकमा आज फूट-फूट कर रो रहे हैं और उनकी रुलाई देखी नहीं जा रही है क्योंकि नवीन जोशी उनकी पत्नी निहारिका और उनकी मां की हनक और रतलाम औद्योगिक थाना पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर उनके पिता और पति अनिल धीमान ने अपनी जान दे दी। किस्सा कुछ यूं है कि आईडीबीआई बैंक में गार्ड की नौकरी पर कार्यरत अनिल पिता हंसराज धीमान को आईडीबीआई बैंक की ही कर्मचारी निहारिका द्वारा 16 अक्टूबर को अपने घर पंखा सुधारने के लिए बुलाया जाता है क्योंकि अनिल इन चीजों का मास्टर है और मैडम के सम्मान में बगैर कुछ सोचे घर चला जाता है और पंखा और रेगुलेटर सुधार देता है। और इसके एवज में कुछ पैसा भी नहीं लेता उसकी मैडम उसको बोलती है कि हमारा लैपटॉप भी कुछ दिन से काम नहीं कर रहा है जरा देख लो तो अनिल लैपटॉप को चेक करके बताता है कि इसके स्क्रू खुले हुए हैं आपने शायद उसको कहीं खुलवाया है तो मैडम कहती है कि हमने तो इसको कहीं खुलवाया नहीं है तो वह कहता है कि मेरे पास औजार नहीं है मैं कैसे चेक करूं तो मैडम बोलती है कि इसको ले जाओ और ठीक करके ले आना। अब वह अनिल बेचारे को मालूम नहीं था कि यह लैपटॉप उसकी जान ले लेगा वह उसको घर लेकर आता है और पत्नी और बच्चों के सामने ठीक करने की कोशिश करता है और मैडम को फोन करके बताता है कि इसकी हार्ड डिस्क और मेमोरी नहीं है और इसमें ₹2000 का खर्चा आएगा तो मैडम बोलती है कि ठीक है तुम इसको वापस ले आना। 17 तारीख को अनिल वापस उनको लैपटॉप दे देता है। लैपटॉप लेने के बाद मैडम उनके हस्बैंड और उसकी सास द्वारा इस गरीब गार्ड को इतना परेशान किया जाता है धमकियां दी जाती है और औद्योगिक थाने में कंप्लेंट कर वहां के सब इंस्पेक्टर द्वारा भी चमक वाया जाता है। 16 तारीख से 19 तारीख के बीच में उसको इतना प्रताड़ित किया जाता है कि अंततः 19 और 20 की दरमियानी रात 2:00 बजे उत्कृष्ट स्कूल के फुटबॉल ग्राउंड के पोल से उसको फांसी लगाकर अपनी जान देना पड़ती है। क्या रतलाम पुलिस इतनी फुर्सत में है कि किसी की मेमोरी और हार्ड डिस्क ढूंढने के लिए किसी गरीब पर इतना दबाव बना दें कि उसको मौत को गले लगाना पड़े। क्या रतलाम पुलिस के जिम्मेदार अपनी पुलिस और नवीन जोशी के परिवार के खिलाफ अनिल धीमान की प्रताड़ना के कारण हुई हत्या के खिलाफ कुछ ठोस कदम उठाएंगे ताकि गरीब परिवार को न्याय मिल सके उसकी बीवी और बच्चों के आंसुओं को थोड़ा कम किया जा सके। ताकि भविष्य में कोई पुलिस या कोई परिवार इस तरह किसी गरीब को नाजायज तरीके से परेशान कर के आत्महत्या के लिए मजबूर ना करें।

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