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चोटी कटवा का एक ओर काला सच, मां ने ही मार डाला जुड़वा बच्चों को

BySurendra Jain

Aug 21, 2017

 

दुमका (झारखंड,एजेंसी)महिलाओं की चोटी काटे जाने की अफवाहों का एक ओर विकृत स्वरूप झारखंड में ही सामने आया है। एक भिखारी महिला की भीड़ द्वारा पिटाई कर मार दिए जाने के बाद रविवार को झारखंड पुलिस ने एक ओर सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। दुमका जिले के एक गांव में एक महिला ने अपने ही 7 माह के दो जुड़वा बच्चों की हत्या कर उनके शव कुएं में फेंक दिए और बाद में यह प्रचारित कर दिया कि उसकी किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोटी काट दी है और बेहाशी की हालत में ही अज्ञात अपराधी उसके बच्चों को मारकर चला गया। पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि यह महिला ही अपने बच्चों की हत्यारी है और चोटी कटवा की कहानी झूठी गढ़ी गई थी।

हालांकि मामला झारखंड का है और मध्यप्रदेश या मालवा क्षेत्र से इसका कोई सीधा लेना-देना नहीं है लेकिन इस खबर की जानकारी देना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि हमारे इलाके में भी चोटी कटवा के मामलों की आड़ में दूसरे अपराध अंजाम दिए जा रहे है। देश की अलग-अलग घटनाओं की जांच में यह साफ हो गया है कि चोटी कटवा जैसी कोई गैंग नहीं है और इस तरफ की अफवाहों की आड़ में दूसरे किस्म के अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है। गुजरात पुलिस ने भी ऐसे ही करीब 6 मामलों का खुलासा बीते दिनो किया है जिनमें महिलाओं ने खुद या उनके ही किसी रिश्तेदार ने चोटी काट दी और बाद में झूठी कहानियां गढ़कर भ्रम की स्थिति बनाई।

क्या है झारखंड में बच्चों की मौत का सच

दुमका जिले के एक गांव में 7 माह के जुड़वा बच्चों की मौत का राज पुलिस ने खोल दिया है। गत शुक्रवार को बच्चों की हत्या उनकी अपनी मां ने ही की थी। पुलिस के अनुसार, महिला को यह वहम था कि इन बच्चों के जन्म लेने से उसका कुछ अच्छा नहीं हो रहा है। मौका मिलते ही उसने बच्चों को खाना खिलाया और आंगन में बने कुएं में फेंक दिए। किसी को उस पर शक ना हो, इसलिए उसने अपनी चोटी कटने की बात फैला दी। चोटी कटने की बात फैलाने के पीछे उसका उद्देश्य था कि लोग चोटी कटवा के मामले में उलझ जाए और लगे की हत्या किसी और ने की है। पुलिस को शुरू से महिला पर शक था। कड़ाई से पूछताछ करने पर वो टूट गई और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने महिला को अरेस्ट कर लिया है। जब महिला को पता चला था कि उसके गर्भ में जुड़वा बच्चे है। तब से ही वो बच्चों को जन्म नहीं देना चाहती थी। महिला का कहना है कि शारीरिक परेशानी होने की वजह से वो जुड़वा बच्चों का पालन नहीं कर सकती थी। मुसाबनी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक प्रणव साह के सात माह के जुड़वां बच्चों का शव शुक्रवार की दोपहर शिकारीपाड़ा (दुमका) स्थित उनके घर के अंदर के कुएं से बरामद किया गया था। घटना के बाद मां की हालत बिगड़ गई थी। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस इस पूरे मामले को हत्या मानकर जांच कर रही थी।

घटना के वक्त बेहोश होने का किया नाटक
जब शुक्रवार को पुलिस पहुंची तो महिला समाप्ति शाह का कहना था कि कमरे में कुछ अजीब महसूस हुआ। उसके बाद वो बेहोश हो गई। होश आने पर देखा तो सिर के पीछे के बाल कटे थे। परिजन और पुलिस ने बाल तलाशने के लिए घर के हर कोने की तलाशी ली लेकिन बाल नहीं मिले। घटना की वास्तविकता जानने के लिए पुलिस ने खोजी कुत्ते की मदद ली। घर के आसपास चक्कर काटने के बाद कुत्ता शांत हो गया। पुलिस को यहीं से बच्चों की मां पर शक होने लगा था।

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