रतलाम। वन अधिकार अधिनियम के तहत दावेदारों को काबिज भूमि पर अधिकार पत्र प्रदान करने के लिए जिले में कार्रवाई में तेजी लाई गई है। शासन द्वारा निर्धारित कट ऑफ डेट के तहत आदिवासी दावेदारों को उनकी काबिज भूमि पर वन अधिकार अधिनियम के तहत अधिकार पत्र प्रदान किए जाना है। इसे लेकर एक बैठक सोमवार को कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा आयोजित की जाकर संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत संदीप केरकेट्टा, जिला वन मंडल अधिकारी, सहायक आयुक्त तथा अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत अब तक की गई कार्रवाई के दौरान 6 हजार 885 दावे प्राप्त हुए हैं जिनको सत्यापन उपरांत अधिकार पत्र प्रदान किया जाना है। उपरोक्त दावे वे है जो पूर्व में सत्यापन के दौरान खारिज कर दिए गए थे, अब पुन: उनसे दावे प्राप्त किए गए हैं। शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत एमपी 1 मित्र पोर्टल के तहत अमान्य दावों का पुन: परीक्षण कर निराकरण किया जा रहा है। इस अनुसार आगामी 5 जून तक ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा मौके पर परीक्षण स्थल सत्यापन एवं अनुशंसा, इसके लिए गठित ग्राम वन समिति दावेदार की काबिज भूमि का सत्यापन परीक्षण मौके पर पहुंचकर करेगी, पॉलीग्राफ बनाया जाएगा। आगामी 10 जून तक ग्राम सभाएं द्वारा दावों का अनुमोदन, इसके बाद उपखंड स्तरीय वनाधिकार समितियां अपनी बैठक आयोजित कर 20 जून तक जिले को अपनी अनुशंसा देना है। अंतिम निराकरण जिला स्तरीय वनाधिकार समिति 30 जून तक करने का कार्यक्रम निर्धारित है।
वन अधिकार अधिनियम के तहत दावेदारों का अधिकार पत्र प्रदान करने के लिए प्रक्रिया तेज की गई, कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश
