नई दिल्ली। फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर इन दिनों एक मैसेज लगातार वायरल हो रहा है। एक अखबार में छपी खबर के माध्यम से भी लोगों के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस साल 12 अगस्त को रात नहीं होगी, यानि रात्रि के समय भी दिन जैसा ही उजाला रहेगा। इस खबर में नासा की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया जा रहा है। दरअसल, यह जानकारी भ्रामक है। 12 अगस्त की रात ऐसा कुछ नहीं होने वाला जैसा बताया जा रहा है। हां, अतंरिक्ष में कुछ गतिविधि जरूर होगी जिसे वैज्ञानिक मेट्योर शॉवर कहते है और इस तरह की गतिविधि एक वर्ष की अवधि में 3 बार होती है।
यह झूठी जानकारी हो रही वायरल
– वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि 12 अगस्त 2017 को अंतरिक्ष में रात के समय भी दिन का उजाला होगा। नासा ने इसकी पुष्टि की है। ये दिन मानव जाति के लिए बहुत ही अद्भुत है। 12 अगस्त की रात को ये उजाला देखने का मौका ना छोड़ें।
– इसी से जुड़े एक अन्य वायरल मैसेज के मुताबिक, 96 साल में पहली बार 12 अगस्त को रात नहीं होगी। 24 घंटे दिन की तरह पूरा उजाला रहेगा। आसमान में अब तक के इतिहास का सबसे ज्यादा उजाला करने वाला अद्भुत उल्कापात (मेट्योर शावर) होगा। इसे नहीं देखने वाले लोगों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
ये है वायरल मैसेज की सच्चाई
– वायरल मैसेज में दावा नासा के हवाले से किया जा रहा है, ऐसे में सच जानने के लिए जिम्मेदार पत्रकारों ने नासा की वेबसाइट पर इससे जुड़ी रिपोर्ट सर्च करना स्टार्ट किया।
– काफी खोजने के बाद मीडियाकर्मियों को नासा की साइट पर 12 अगस्त की रात को उल्कापात (मेट्योर शावर) गिरने की जानकारी मिली।
– नासा की साइट पर दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अगस्त को उल्कापात (मेट्योर शावर) होगा। इसके चलते रात में थोड़ा उजाला तो दिखेगा लेकिन, ये अब तक के इतिहास का सबसे ज्यादा उजाले वाला उल्कापात नहीं होगा।
– हर साल तीन बड़े मेट्योर शावर्स होते हैं। इनमें से पहला शावर जनवरी में, दूसरा शावर अगस्त में और आखिरी शावर दिसंबर के महीने में देखा जाता है।
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तो याद रखे ये बात
12 अगस्त की रात को दिन के उजाले जैसी जानकारी पूरी तरह झूठी है, ऐसी झूठी जानकारी वायरल करने से बचे।
