खबर पक्की: 10 दिसंबर रतलाम, अपने ही विभाग के षड्यंत्र का शिकार आरक्षक सुधीर बिल्ला नंबर 665 विभाग के अधिकारियों की प्रताड़ना से इतना तंग आ गया है कि उसने आत्महत्या जैसा जघन्य विचार करने के साथ-साथ सेवा से मुक्त होने हेतु त्यागपत्र भी पुलिस महानिदेशक आईजी राकेश गुप्ता और एसपी गौरव तिवारी को भेज दिया है। संक्षिप्त में प्रकरण इस प्रकार है कि उक्त सुधीर को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक जी के पाठक की नाराजगी के चलते टीआई और कुछ एस पी के चमचे पुलिस वालों द्वारा गाय काटने के झूठे प्रकरण में आरोपी बना दिया था जो कि विभागीय जांच में आज तक सिद्ध नहीं हुआ इसी अपमान के कारण सुधीर द्वारा हाई कोर्ट इंदौर में एक रिट पिटिशन अपने खिलाफ झूठे केस बनाने को लेकर दायर की थी जिसकी जद में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और उसके बाद वाले पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारी आ रहे हैं विभाग के बड़े अधिकारियों के फंसने के कारण पुलिस के आला अधिकारी उक्त छोटे आरक्षक पर दबाव बनाने के लिए निरंतर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि झूठे केस में फंसा दिए जाओगे इसी कारण तंग आकर आरक्षक सुधीर द्वारा कुछ दिनों पूर्व पुलिस महानिदेशक आईजी उज्जैन और एसपी गौरव तिवारी को अपने त्यागपत्र का पत्र सौंप दिया है देखना है कमलनाथ सरकार के स्वच्छता अभियान में एक ईमानदार पुलिस जवान की नौकरी सुरक्षित रहती है या उसका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया जाता है।
