• Fri. Jul 31st, 2026

ऋण समाधान योजना में लापरवाही बरतने वाले तीन प्रबंधक व 13 प्रशासक बर्खास्त

BySurendra Jain

Aug 25, 2018

रतलाम/ प्रदेश शासन द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य चलाई गई ऋण समाधान योजना मे लापरवाही बरतने वालो के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए सहकारिता विभाग उपायुक्त ने तीन प्रबंधक और तेरह प्रशासक को बर्खास्त कर दिया।
सहकारीता विभाग के उपायुक्त ने बताया की शासन द्वारा चलायी जा रही ऋण समाधान योजना में कम प्रगति करने वाले संस्था प्रबंधकों और प्रशासको के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए रतलाम जिले की प्राथमिक कृषि सहकारी संस्था मर्यादित माउखेडी,छावनी झोडिया, एवं ढीकवा के सहायक प्रबंधकों को बर्खास्त करने के लिये निर्देश प्रदाय किये गये है। जबकि संतोषजनक प्रगति नही करने वाले संस्थाओं के प्रशासकों को भी अपने पद से पृथक करने एवं अपात्र करने के आदेश जारी किये है। गोवर्धन सिंह को सेमलिया (ताल),विजय सिंह को संस्था मडावल,परमानंद गुर्जर,को संस्था सागोद, भेरूलाल आंजना , संस्था मउखेडी, मनोहरलाल पाटीदार,संस्था बिलपाक, भवरसिंह, संस्था नान्दलेटा, कारूलाल जाट, संस्था डिकवा,गणपत पाटीदार, संस्था पीपलखुट श्रीमती जीवणीबाई, संस्था गराड़ सुमेरसिह, संस्था कसारीहरोड नाहरिग को संस्था बेडदा, कन्हैयालाल पाटीदार को सैलाना के
प्रशासक पद से बर्खास्त करने के साथ-साथ संचालक पद के लिये अपात्र भी घोषित किया गया। संस्था सरवन के प्रशासक और संस्था छावनी झोडिया के संचालक मडल को भग करने के लिये भी कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये जा रहे।, इसी के साथ- साथ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रतलाम द्वारा भी बड़ी कार्यवाही के चलते कम प्रगति से संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक को और संस्था प्रबंधकों के विरूद्ध भी सेवा नियमों को तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये है। कम प्रगति पाये जाने पर कठोर कार्यवाही भी की सकती है। प्रतिदिन दो बार गहन समीक्षा की जा रही है। प्रगति कम पाये जाने पर जिम्मेदार शाखा प्रबंधक संस्था के प्रशासक के विरूद्ध भी बर्खास्त की कार्यवाही की जा सकती है।

error: Content is protected !!