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घर में सो रही महिला के सामने आ गया 5 फीट 7 इंच का मगरमच्छ, बेटे को लेकर खिड़की से भागकर बचाई जान

BySurendra Jain

Oct 8, 2026

खबर पक्की, 8 अक्टूबर, रतलाम। बाजना जनपद के ग्राम कुंदनपुर के समीप नवागांव में बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब घर में अपने सात वर्षीय बेटे के साथ सो रही महिला की आंख खुली तो सामने एक विशाल मगरमच्छ मुंह खोले उसकी ओर बढ़ता दिखाई दिया। अचानक सामने आए करीब 5 फीट 7 इंच लंबे मगरमच्छ को देखकर महिला घबरा गई। उसने हिम्मत दिखाते हुए सात वर्षीय बेटे को साथ लिया और घर की खिड़की से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। मजदूरी करने वाली सीताबाई पत्नी स्व. केसु डोडियार अपने छोटे बेटे के साथ घर में सो रही थीं। उनका बड़ा 12 वर्षीय बेटा दोस्तों के साथ नदी की ओर गया हुआ था। इसी दौरान सीताबाई की आंख खुली तो घर के अंदर मगरमच्छ नजर आया। बताया जा रहा है कि घर का दरवाजा खुला था और इसी रास्ते से मगरमच्छ के अंदर आने की आशंका है। मगरमच्छ दरवाजे से करीब तीन फीट दूर था और मुंह खोलते हुए महिला की ओर बढ़ रहा था।
मगरमच्छ को घर में देखकर सीताबाई ने घबराकर पड़ोसियों को आवाज लगाई। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से मगरमच्छ को काबू में किया और उसे पिकअप वाहन में रखा।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना की सूचना रात करीब 10 बजे पुलिस को थाने के नंबर पर दी गई। वन विभाग को भी सूचना देने के बावजूद रात में कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद ग्रामीण स्वयं मगरमच्छ को लेकर बाजना पहुंचे।
जिम्मेदार अधिकारियों के नहीं मिलने पर ग्रामीण मगरमच्छ को वापस ले आए। पहले उसे नदी में छोडऩे का प्रयास किया गया, लेकिन नदी के पास पहुंचने पर मगरमच्छ और अधिक ताकतवर नजर आया। इसके बाद ग्रामीण उसे वापस लाकर निर्माणाधीन महादेव मंदिर के पास बांधकर रखने लगे।
दो से तीन युवाओं ने पूरी रात जागकर मगरमच्छ की निगरानी की। सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लेकर वन परिक्षेत्र कार्यालय बाजना पहुंचाया।
नवागांव से माही डेम की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। माही डेम में मीठे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं। नवागांव क्षेत्र की तेलनी नदी भी माही नदी तंत्र से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सूखे के कारण क्षेत्र के जलस्रोतों में पानी लगातार कम हो रहा है। ऐसे में पानी और भोजन की तलाश में वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही बढऩे का भी दावा किया है। कुछ समय पहले बाजना क्षेत्र में जंगली सूअर के गांव की ओर आने की घटना भी सामने आई थी। उस समय वन विभाग ने क्षेत्र में सर्चिंग की थी, हालांकि कोई जंगली जानवर नहीं मिला था।
सुबह वन विभाग के रेंजर अमित सोनी मगरमच्छ को वन परिक्षेत्र कार्यालय बाजना लेकर पहुंचे। वहां वेटरनरी डॉक्टर फिरोज खान ने उसका परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान मगरमच्छ शांत रहा। उसकी उम्र करीब दो वर्ष और लंबाई 170 सेंटीमीटर यानी करीब 5 फीट 7 इंच बताई गई है। फिलहाल उसे वन परिक्षेत्र कार्यालय बाजना में पिंजरे में रखा गया है। वन विभाग की ओर से फिलहाल घटना और मगरमच्छ को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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