खबर पक्की, 27 मई, रतलाम। शहर के मोती नगर क्षेत्र में मंगलवार शाम पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव में बदल गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले में एक ही परिवार के सात लोग घायल हो गए, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर घायल को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
घायलों में सुनील पिता नाहर सिंह कटारा, पवन पिता नंदू, टीना पति गौतम, राधाबाई, सोहनबाई, रवि और कैलाश शामिल हैं। घायलों ने आरोप लगाया कि करीब एक सप्ताह पहले भी इसी पक्ष द्वारा उनके साथ विवाद और पथराव किया गया था। उस समय दीनदयाल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी और पुलिस ने मामला भी कायम किया था, लेकिन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों का कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए और मंगलवार को उन्होंने दोबारा हमला कर दिया। घायलों के अनुसार जब परिवार के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे तो उन पर भी पथराव कर हमला किया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले मामले में समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो दोबारा यह नौबत नहीं आती।
इधर, दीनदयाल नगर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में प्लॉट कब्जे के एक मामले में कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी को धरने पर बैठना पड़ा था। अब मोती नगर की घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मोती नगर क्षेत्र में पथराव, एक ही परिवार के 7 घायल, एक बार फिर दीनदयाल नगर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
