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कृष्ण मंदिर को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग, स्वामी कृष्णानंद बोले- प्रशासन ध्यान नहीं देगा तो चिमटा मार कब्जा हटा देंगे

BySurendra Jain

May 26, 2026

खबर पक्की, 26 मई, रतलाम। रामदेवजी घाटी स्थित प्राचीन श्री कृष्ण मंदिर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को सनातन समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। बगलामुखी शक्तिपीठ खाचरौद के पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज के नेतृत्व में समाजजनों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा को सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि कथित रूप से कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा चंद रुपयों के लालच में मंदिर की पवित्र भूमि को अपने नाम दर्ज करवाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचा जा रहा है। नगर निगम और आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार उक्त भूमि वर्ष 1976 में श्री कृष्ण मंदिर के नाम दर्ज पाई गई है।
वर्तमान में कथित रूप से अवैध तरीके से भूमि का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। मंदिर पर ताले लगाए गए हैं। प्राचीन प्रतिमाएं आज भी वहीं विराजमान हैं। न तो मंदिर में विधिवत पूजा-पाठ होने दिया जा रहा है और न ही मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। भक्तों को भी वहां से हटाया जाता है। ज्ञापन में कहा गया कि यह केवल एक मंदिर का विषय नहीं, बल्कि सनातन धरोहर, आस्था और सांस्कृतिक अस्तित्व का प्रश्न है।
संतों और समाजजनों ने मंगलवार शाम मंदिर पहुंचकर आरती करने की अनुमति मांगी। इस पर डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा ने कहा कि आवेदन अभी दिया गया है, पहले इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह किसी प्रकार की अनुमति नहीं दे सकते।
इस दौरान जय श्रीराम और मंदिर को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर नारेबाजी भी की गई। मौके पर पूर्व एल्डरमैन तारादेवी, निलेश सोनी, अनिल झालानी, जनक नागल, अनिल पुरोहित, बसंत पंड्या, पार्षद धर्मेंद्र व्यास सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कब्जा नहीं हटाया तो हम खुद हटाएंगे
बगलामुखी शक्तिपीठ खाचरौद के पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान के नाम से वर्षों पुरानी भूमि और मंदिर है। कुछ लोगों ने मंदिर पर ताले लगा दिए हैं और भूमि बेचने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी मांग है कि मंदिर के ताले खोले जाएं और भगवान के नाम की जमीन बेचने वालों पर कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि मंदिर हमारा है। यदि शासन-प्रशासन कब्जा नहीं हटा पाएगा, तो हम चिमटे बजाकर कब्जा करने वालों को हटा देंगे।
यह रखीं मांगें

  • प्राचीन श्री कृष्ण मंदिर को तत्काल प्रशासन के अधीन लिया जाए।
  • मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाए और जीर्णोद्धार कराया जाए।
  • कथित रूप से अवैध भूमि विक्रय संबंधी दस्तावेज निरस्त किए जाएं।
  • दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
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